पंजाब विधानसभा में बजट पर बहस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के बीच सीचेवाल मॉडल पर तीखी नोकझोंक हुई। सीएम मान ने बाजवा को आड़े हाथों लिया।
सीएम मान ने बाजवा के ''हू इज सीचेवाल'' टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि सीचेवाल मॉडल तालाबों को साफ कर सकता है, लेकिन राजनेताओं के दिमाग की गंदगी नहीं। उन्होंने बाजवा पर मानसिक रूप से अस्थिर होने का आरोप लगाया और कहा कि वे हर सुबह शीशे के सामने खड़े होकर मुख्यमंत्री बनने का सपना देखते हैं। सीएम ने कहा कि सीचेवाल के पास टेक्निकल डिग्री नहीं है, तो उनके पूर्व प्रधान जिन्हें लंबे समय से लॉन्च करने की प्रक्रिया चल रही है, उन्होंने कैंबि्रज यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है, कुछ को 12 साल से डिग्री नहीं मिल रही है।
सीएम मान ने कहा कि सीचेवाल मॉडल ने पंजाब के 1600 गांवों में तालाबों और नालों की सफाई की है, और इसे हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में भी अपनाया जा रहा है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और एनजीटी के अध्यक्ष द्वारा सीचेवाल मॉडल की सराहना का भी उल्लेख किया। सीएम ने सवाल किया कि अगर सीचेवाल मॉडल इतना ही खराब था तो कांग्रेस ने अपनी सरकार के समय उन्हें प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का सदस्य क्याें बनाया था।
कांग्रेस का वॉकआउट
सीचेवाल पर बाजवा की टिप्पणी को लेकर आप विधायकों की आलोचना के बाद कांग्रेस ने सदन से तीन बार वॉकआउट किया। सीएम मान ने कहा कि कांग्रेस कहती है कि ये सरकार में कैसा मटीरियल आ गया। ये वो मटीरियल है, जो दिमाग ठीक करता है। उन्हें पता था कि आज बोलेंगे, इसलिए वह सदन से वॉकआउट कर गए।