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आप-भाजपा के बाद शिअद भी मैदान में: कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर; पार्टी को एकजुट करने में लगे पायलट और परगट

Mon, 05 Oct 2026 10:03 AM IST
Sharukh Khan राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

आम आदमी पार्टी और भाजपा के बाद शिअद भी मैदान में उतरने के लिए तैयार है। शिअद छह अक्तूबर से डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगा। कांग्रेस की रणनीति पर सबकी नजर है। गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस को प्रभारी पायलट और प्रधान परगट साधने में जुटे हैं।
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Punjab assembly election - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात धीरे-धीरे सजने लगी है। आप और भाजपा के बाद अब शिरोमणि अकाली दल (शिअद) भी छह अक्तूबर से डोर-टू-डोर अभियान के जरिये मैदान में उतर रहा है। शिअद ने सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ जनसंपर्क अभियान चलाने का कार्यक्रम बनाया है।
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तीन प्रमुख दलों की चुनावी सक्रियता के बीच अब कांग्रेस की रणनीति पर नजर है। गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस कब और किस रणनीति के साथ अपना चुनावी अभियान तेज करती है, यह पार्टी के लिए अहम होगा। 

राजा वड़िंग की जगह परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपकर हाईकमान ने उनके सामने संगठन को एकजुट करने और चुनावी तैयारी को गति देने की चुनौती रखी है। परगट नेताओं से मुलाकात कर उन्हें साथ लेने की कोशिश में जुटे हैं।
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लोक मिलनी से आप ने बढ़ाई सक्रियता
आम आदमी पार्टी ने लोक मिलनी के जरिये जनसंपर्क अभियान को गति दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। मंत्रियों और विधायकों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों से संपर्क करने की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी मुफ्त बिजली, मावां-धीआं सत्कार समेत अपनी योजनाओं को लेकर लोगों के बीच पहुंच बना रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने 92 सीटें जीती थीं।
 

नशा मुक्त यात्रा से भाजपा का जनसंपर्क
भाजपा ने सितंबर में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के जरिये सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाई। पार्टी की चार यात्राओं ने करीब 4,000 किलोमीटर का सफर तय किया। अभियान का केंद्र पंजाब में नशे के मुद्दे को बनाया गया और इस दौरान आप सरकार पर भी निशाना साधा गया।

यात्रा का समापन 30 सितंबर को जालंधर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली के साथ हुआ। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने दो सीटें जीती थीं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी पंजाब की 13 सीटों में से कोई सीट नहीं जीत सकी, हालांकि उसके वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी हुई।

शिअद ने यात्राओं के बाद बढ़ाया अभियान
शिअद छह अक्तूबर से डोर-टू-डोर अभियान शुरू कर रहा है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल अटारी से इसकी शुरुआत करेंगे और सभी विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान लोगों से सुझाव लेकर चुनावी घोषणापत्र तैयार करने की बात कही गई है।

पार्टी एक नवंबर को घोषणापत्र जारी करेगी। दस नवंबर से सुखबीर बादल के नेतृत्व में प्रदेशव्यापी बस यात्रा भी शुरू होगी। पिछले महीने से शिअद की ओर से पंजाब बचाओ यात्राओं के जरिये भी जनसंपर्क किया जा रहा है। सुखबीर बादल और सांसद हरसिमरत कौर बादल अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर रहे हैं।

कमान बदलने के बाद कांग्रेस की चुनौती
कांग्रेस ने पंजाब में प्रभारी के साथ प्रदेश अध्यक्ष भी बदला है। परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद पार्टी के सामने संगठन को एकजुट करने और चुनावी रणनीति तैयार करने की चुनौती है।
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2022 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं, जबकि 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी ने पंजाब की 13 में से सात सीटें जीती थीं। अब कांग्रेस के सामने लोकसभा चुनाव के प्रदर्शन को विधानसभा चुनाव की तैयारी में बदलने की चुनौती है।
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