हिमाचल के कोटखाई में छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी की हिरासत में हुई मौत मामले के दोषी पूर्व आईजी जहूर हैदर जैदी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने जैदी की उम्रकैद की सजा को निलंबित कर दिया है।
वर्ष 2017 में शिमला जिले के कोटखाई में हुए बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म व हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपी सूरज की लॉकअप में हत्या के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आया है। मामले के दोषी पूर्व आईजी जहूर हैदर जैदी को मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट द्वारा जैदी सुनाई गई उम्रकैद की सजा को हाईकोर्ट ने निलंबित कर दिया है।
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चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट ने शिमला के पूर्व आईजी आईपीएस जहूर हैदर जैदी समेत आठ पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, गवाहों के बयान व सबूतों के अभाव में नामजद तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी को बरी कर दिया गया था। सभी दोषियों को इसी साल 27 जनवरी को सजा सुनाई गई थी। दोषियों में जैदी के अलावा तत्कालीन डीएसपी मनोज जोशी, पुलिस सब इंस्पेक्टर राजिंद्र सिंह, एएसआई दीप चंद शर्मा, मानक मुख्य आरक्षी मोहन लाल व सूरत सिंह, मुख्य आरक्षी रफी मोहम्मद और कांस्टेबल रनीत सटेटा शामिल हैं।
बता दें, आरोपी सूरज की गुड़िया हत्याकांड के 14 दिन बाद कोटखाई थाने के लॉकअप में हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या का आरोप दूसरे मुलजिम पर लगाया था। इस पर गुस्साए लोगों ने थाने समेत कई गाड़ियां फूंक दी थीं।