पंजाब सेवा क्षेत्र में सबसे अधिक 40.8 फीसदी हिस्सेदारी के साथ 54 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है जबकि रोजगार देने में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 27.2 फीसदी है।
सेवा क्षेत्र से जुड़े तीन उप सेवा क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर है उनमें थोक एवं खुदरा व्यापार 33%, परिवहन एवं भंडारण 11% और शिक्षा 10.9% लोगों को रोजगार दे रहा है। इसी तरह घरेलू गतिविधियां 8.3, मानव स्वास्थ्य एवं सामाजिक कार्य 5.6, आवास और भोजन 4.7, लोक प्रशासन एवं रक्षा 4.3, वित्तीय एवं बीमा 3.4, पेशेवर एवं वैज्ञानिक 3.3 और प्रशासनिक उप क्षेत्र 1.9% लोगों को रोजगार दे रहा है। इसके अलावा इसमें जो उप क्षेत्र सबसे कम रोजगार दे रहे हैं उनमें सूचना एवं संचार 1.7, कला-मनोरंजन 1.2 और रियल एस्टेट 0.7% लोगों को रोजगार दे रहा है।
पिछले कुछ साल से सेवा क्षेत्रों में रोजगार में बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2011-12 में सेवा क्षेत्र 32% लोगों को रोजगार दे रहा था लेकिन वर्ष 2023-24 में इसका प्रतिशत बढ़कर 40.8 हो गया है। हालांकि वर्ष 2022-23 के मुकाबले इसमें मामूली गिरावट हुई क्योंकि तब रोजगार देने में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 41.1% थी। पंजाब में बेरोजगारी की बढ़ती दर भी चिंता का विषय है। हाल ही में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 15 से 29 वर्ष के युवाओं में जुलाई से सितंबर 2025 तक 18.9 फीसदी बेरोजगारी दर दर्ज की गई थी। इसी तरह महिलाओं में बेरोजगारी दर 30.4 फीसदी दर्ज की गई थी। अगर ओवरऑल बेरोजगारी दर की बात करें तो यह 18.9% दर्ज की गई। पंजाब कौशल विकास मिशन युवाओं को कौशल से निपुण करने के लिए गई योजनाएं चला रहा है ताकि रोजगार के अधिक अवसर पैदा किए जा सकें।