श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में शनिवार को सेक्टर-8 स्थित गुरुद्वारा पातशाही दशमी से नगर कीर्तन शुरू हुआ। इसमें पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया शामिल हुए।
नगर कीर्तन का समापन सेक्टर-22 स्थित गुरुद्वारा साहिब में होगा। नगर कीर्तन का जगह जगह पर स्वागत हो रहा है।
गुरुद्वारा पातशाही दशमी के प्रधान सुखजिंदर सिंह बहल ने बताया कि नगर कीर्तन सेक्टर-8 से शुरू होकर सेक्टर-9, सेक्टर-10 और सेक्टर-11 की मार्केट से होते हुए पंजाब विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 से प्रवेश करेगा और गेट नंबर-2 से बाहर निकलेगा। इसके बाद नगर कीर्तन सेक्टर-15, सेक्टर-16 और सेक्टर-23 से होते हुए सेक्टर-22 की मार्केट पहुंचेगा। यहां गुरुद्वारा साहिब में नगर कीर्तन का समापन होगा।
नगर कीर्तन में फूलों से सजी पालकी साहिब आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। इसमें गतका पार्टी पारंपरिक सिख युद्ध कला का प्रदर्शन हुआ। ढाडी जत्थे धार्मिक वीर गाथाओं और भक्ति संगीत से संगत को निहाल कर रहे हैं। विभिन्न स्कूलों के बच्चे नगर कीर्तन में शामिल हुए।
गुरु साहिब पर पुष्प वर्षा के लिए विशेष मशीन की व्यवस्था की गई है। सिरोपा और कृपाण प्रदान कर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का स्वागत किया गया।
सुखजिंदर सिंह बहल ने कहा कि नगर कीर्तन का उद्देश्य संगत को एकजुट करना और श्री गुरु रामदास जी की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। गुरु साहिब ने विनम्रता, निस्वार्थ सेवा, करुणा, सर्वधर्म सद्भाव और मानवता के भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने प्रकाश पर्व के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए संगत से अपील की है। प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों का समापन 27 अक्टूबर को होगा। इस मौके पर राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष एच एस लक्की, चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन के महासचिव रघुवीर सिंह रामपुर, सेक्टर 34 गुरुद्वारा साहब के प्रधान तेजवंत सिंह गिल, चंडीगढ़ समूह गुरुद्वारा प्रबंधक संगठन के पूर्व अध्यक्ष नैब सिंह, पार्षद महेश इंदर सिंह सिद्धू, गुरुदेव साहब सेक्टर 22 के गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव गुरजोत सिंह साहनी, चरणजीत सिंह विल्ली सहित बड़ी संख्या में संगत शामिल रही। खालसा ट्रैफिक कंट्रोल जत्था के अध्यक्ष कृपाल सिंह की टीम के देख रेख में यातायात को नियंत्रण किया।