पंजाब के पठानकोट में बेहद चौंकाने वाली घटना हुई है। हलका सुजानपुर के अधीन आते गांव मेहरां में पालतू कुत्ते के काटने से मां और नाबालिग बेटी की मौत हो गई है। कुत्ते ने अप्रैल में मां-बेटी समेत एक ही परिवार के 5 लोगों को काटा था। मरने वालों की पहचान 17 वर्षीय सलोनी और उसकी माता पूजा देवी (42) निवासी सुजानपुर मेहरां के रूप में हुई है। दोनों का मंगलवार को उनके पैतृक गांव में संस्कार कर दिया गया है।
दो राज्यों में भटके, लेकिन किसी भी सेहत केंद्र में नहीं दिखी आस की किरण
गांव के सरपंच सुरेश कुमार ने बताया कि जिन मां-बेटी को दो माह पहले पालतू कुत्ते ने काटा, उसके बीस दिन बाद ही कुत्ता मर गया। इस परिवार में मां-बेटी समेत कुल पांच लोगों को कुत्ते ने काटा था। उसके बाद मां-बेटी में थोड़े रेबीज के लक्षण दिखने लगे। 22 जून को मां-बेटी की हालात गंभीर हो गई, जिसके बाद वे दोनों को सिविल अस्पताल पठानकोट ले गए। वहां से 23 जून को डाॅक्टरों ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए नाबालिग को अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल रेफर कर दिया। वहां भी सरकारी समेत कई अस्पतालों में युवती के उपचार लिए भटके, लेकिन उपचार नहीं मिला। इसके बाद शाम 4 बजे युवती सलोनी की रास्ते में ही आते मौत हो गई। उसने अभी 12वीं कक्षा पास की थी।
पंचायत मेंबर भी थी पूजा देवी
24 जून को जब पूजा देवी को वे पठानकोट के बाद जेएंडके में किसी अस्पताल में उपचार करवाने लेकर गए तो वहां भी इसका उपचार संभव नहीं दिखा। घर लौटते समय पूजा देवी ने भी दम तोड़ दिया। वे वार्ड नंबर 1 से मेंबर पंचायत भी थीं। जिस अस्पताल में भी दोनों को उपचार के लिए लेकर जाते थे वहां से डाॅक्टर यही जवाब देते किसका उपचार मिल पाना संभव नहीं है।
30 लोगों की वैक्सीनेशन की गई
सीएचसी बुंगल बधानी के एसएमओ डाॅ. अमन ने कहा कि सेहत विभाग की टीम गांव मेहरा पहुंची और मां-बेटी के संपर्क में आने वाले परिजनों व कुछ बाहरी कुल 30 लोगों की वैक्सीनेशन की गई है। इनकी आगे भी सेहत विभाग रूटीन में वैक्सीनेशन करेगा। पता चला है कि उक्त परिवार का बच्चा कहीं से कुत्ते का बच्चा उठा घर ले आया था और उसे पालने लगे थे।
लड़की में यह दिखे लक्षण
. हवा व पानी से डरना
. सांस लेने में दिक्कत आना
. अत्याधिक चिल्लाना
. मुंह से पानी का निकलना
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
एक्सपर्ट की माने तो रेबीज वायरस जानवर (विशेषकर कुत्ते, बिल्ली व बंदर) के काटने से फैलता है और इसके लक्षण संक्रमित होने के कुछ दिनों बाद ही सामने आ सकते हैं। लक्षण कब प्रकट होंगे यह इस पर निर्भर करता है कि कुत्ते ने शरीर के किस हिस्से पर काटा है। यदि काटा गया स्थान सिर या चेहरा हो, तो लक्षण कुछ ही दिनों में आ सकते हैं। कुत्ते के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन का समय पर लगना अत्यंत आवश्यक होता है। सामान्यतः यह टीके काटने वाले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, चौदहवें दिन, 28वें दिन और 90वें दिन लगाए जाते हैं।