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Jalandhar: सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में आग, 20 गर्भवतियों को सुरक्षित निकाला; ऐसे टला बड़ा हादसा

Tue, 04 Aug 2026 10:23 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर

सार

घटना के समय वार्ड में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी गर्भवती महिलाओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला।
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आग से काली पड़ी दीवारें - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जालंधर के सिविल अस्पताल के गायनी वार्ड में मंगलवार सुबह करीब छह बजे आग लगने से अफरातफरी मच गई। एसी से धुआं उठने के बाद देखते ही देखते पूरा वार्ड धुएं से भर गया। 

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उस समय वार्ड में करीब 20 गर्भवती महिलाएं भर्ती थीं। धुआं फैलने से कई महिलाओं को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। किसी अनहोनी की आशंका से मरीज और उनके परिजन घबरा गए तथा कई परिजन रोने लगे।


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गनीमत रही कि घटना के समय वार्ड में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम मौके पर पहुंची और सभी गर्भवती महिलाओं को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। महिलाओं के सुरक्षित बाहर आने के बाद परिजन ने राहत की सांस ली।

सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी अस्पताल पहुंची। तब तक आग फैल चुकी थी। दमकल कर्मियों ने पहले वार्ड के शीशे तोड़कर धुआं बाहर निकाला और फिर आग पर काबू पाया। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि हादसे में किसी मरीज, नवजात या अन्य व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। सभी सुरक्षित हैं।

सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. प्रिया कौशल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नमिता घई और गायनी विभाग की इंचार्ज डॉ. बरिंदर सहित वरिष्ठ टीम पांच मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग एसी से शुरू हुई। अस्पताल में कई एसी काफी पुराने हैं। लंबे समय से लगातार उपयोग के कारण बिजली की तारों और एसी के अधिक गर्म होने की आशंका बनी रहती है। अस्पताल में कई स्थानों पर नई वायरिंग की गई है लेकिन अधिकतर बिजली ढांचा अब भी पुराना है। ऐसे में भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए पूरे बिजली तंत्र को दुरुस्त करने की जरूरत महसूस की जा रही है।

जूनियर डॉक्टरों की सतर्कता बनी ढाल
घटना के समय वार्ड में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद थे। उन्होंने बिना देर किए अस्पताल प्रशासन को सूचना दी और स्टाफ के साथ मिलकर सभी गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला। उनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

एसी से उठे धुएं के बाद भड़की आग
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले एसी से धुआं निकला और फिर उसमें आग लग गई। आग ने आसपास रखे सामान को भी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड ने शीशे तोड़कर धुआं बाहर निकाला और आग पर काबू पाया। अस्पताल प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

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