पीड़ित परिवार के घर पर लगाया ताला।
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युवक और युवती ने लव मैरिज की तो इसकी सजा उन्हें और लड़के के परिवार वालों को भुगतना पड़ रही है। क्योंकि गांव वालों ने लड़के के परिवार को गांव से निकाल दिया है। इतना ही नहीं लड़के और उसके परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट भी की है। घटना पंजाब के मोगा की है।
मोगा के गांव घलकलां में प्रेम विवाह करने वाले युवक के परिवार के साथ मारपीट की गई। घर पर ताला लगाकर परिवार को गांव से निकाल दिया गया। गांव निवासी तरसेम सिंह के बड़े बेटे ने पांच मई, 2025 को गांव की ही एक युवती के साथ कोर्ट मैरिज की थी। उसके बाद से दोनों किसी अन्य स्थान पर रह रहे हैं।
दरअसल गांव की पंचायत प्रस्ताव पारित कर रखा था कि यदि गांव का कोई युवक-युवती प्रेम विवाह करेगा तो उसे गांव में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। लड़के की मां जसबीर कौर पर आरोप लगाया कि विवाह में उनकी सहमति और भूमिका थी। डर के चलते वे दो माह से रिश्तेदारों के घर रह रही थीं। 21 जुलाई को वे घर लौटी तो गांव की महिला सरपंच के पति और लड़की के परिवार के लोग उनके घर पर पहुंचे। लड़की के परिवार और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और घर में ताला लगाकर उन्हें गांव से बाहर निकाल दिया। हालात यह हैं कि परिवार के लोग सड़क पर रात बिताने को मजबूर हैं।
जसबीर कौर को मोगा सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन पुलिस ने कोई करवाई नहीं की। पीड़ित परिवार सोमवार को भी एसएसपी को मिलने पहुंचे था और मंगलवार को भी। जसबीर कौर का कहना है कि थाने में शिकायत दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 21 जुलाई से उसका इलाज सरकारी अस्पताल में चल रहा था। उसका पति व छोटा बेटा सड़क पर सो रहे हैं। क्योंकि गांव वालों ने
वहीं, मामले को लेकर सरपंच पति सुखचैन सिंह ने बताया कि पंचायत में प्रस्ताव पारित किया गया था कि यदि गांव में कोई प्रेम विवाह करेगा तो उसे गांव में रहने नहीं दिया जाएगा। ऐसे व्यक्ति की मदद करने वाले के खिलाफ भी पंचायत कार्रवाई करेगी। तरसेम सिंह के बड़े बेटे ने पड़ोस की एक लड़की को घर से भगाकर विवाह कर ली। पंचायत के प्रस्ताव के अनुसार उसके घर पर ताला लगाया है। गुस्से में लड़की के परिवार ने जसबीर कौर की पिटाई की। मामले को लेकर थाना सदर के प्रभारी गुरसेवक सिंह का कहना है कि पंचायत व पीड़ित पक्ष को थाने बुलाया गया है। दोनों को आमने-सामने बैठाकर मामला सुलझाया जाएगा। पीड़ित परिवार को उनके घर भेजा जाएगा।