प्रिया ने घटना से महज तीन दिन पहले इंडस्ट्रियल एरिया की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह भी वह ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटी। देर रात तक उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। इसके बाद परिवार को पुलिस के माध्यम से उसके रेलवे ट्रैक पर मृत मिलने की जानकारी मिली।
चंडीगढ़ के रामदरबार-हल्लोमाजरा इलाके में सोमवार रात 19 वर्षीय युवक और युवती ने ट्रेन के आगे कूदकर का जान दे दी। दोनों की पहचान हल्लोमाजरा निवासी मनीष और प्रिया के रूप में हुई है।
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शुरुआती जांच में दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। परिजनों के मुताबिक दोनों करीब दो साल से एक-दूसरे को जानते थे और बातचीत करते थे। परिवारों की ओर से दोनों को एक-दूसरे से दूर रहने के लिए कहे जाने की बात भी सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी घटना के पीछे किसी एक कारण की पुष्टि नहीं की है। जीआरपी थाना पुलिस प्रेम संबंध, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। युवती मूलरूप से उत्तर प्रदेश के जिला प्रतापगढ़ की रहने वाली और युवक उत्तराखंड का रहने वाला है।
सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम
जीआरपी थाना पुलिस के अनुसार, सोमवार रात रेलवे ट्रैक पर युवक और युवती के ट्रेन की चपेट में आने की सूचना मिली थी। इसके बाद जीआरपी और चंडीगढ़ पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने मौके की वीडियोग्राफी कराई। घटनास्थल या मृतकों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचकूला के सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। मंगलवार को शव परिजनों को सौंप दिए गए।
भाई ने बातचीत से रोका था, पुलिस को दी थी शिकायत
मनीष के भाई हिमांशु के अनुसार उसने कई बार अपने भाई को प्रिया से बातचीत नहीं करने के लिए कहा था। उसका दावा है कि तीन दिन पहले भी उसने मनीष को युवती से बात करने से रोका था। हिमांशु के मुताबिक उसने प्रिया के परिवार के खिलाफ पुलिस को शिकायत भी दी थी। वहीं, प्रिया के परिजनों का कहना है कि उन्हें कुछ दिन पहले ही मनीष के बारे में पता चला था। प्रिया के पिता ने बताया कि उन्होंने बेटी को मनीष से नहीं मिलने के लिए कहा था। प्रिया ने भी उनसे कहा था कि वह मनीष से बातचीत नहीं करती है। पुलिस दोनों परिवारों के बयानों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले उनके बीच क्या परिस्थितियां बनी थीं।
तीन दिन पहले ही शुरू की थी नौकरी
प्रिया ने घटना से महज तीन दिन पहले इंडस्ट्रियल एरिया की एक निजी कंपनी में नौकरी शुरू की थी। परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह भी वह ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम को वापस नहीं लौटी। देर रात तक उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा था। इसके बाद परिवार को पुलिस के माध्यम से उसके रेलवे ट्रैक पर मृत मिलने की जानकारी मिली। प्रिया की मां के अनुसार सोमवार दोपहर करीब तीन बजे वह बेटी से मिलने फैक्ट्री गई थीं। वह फैक्ट्री के पास स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में दवा लेने गई थीं। उस दौरान भी प्रिया ने उनसे कहा था कि वह मनीष से बातचीत नहीं करती है। पुलिस अब युवती के सोमवार के घटनाक्रम और उसके घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
पहले भी घर से चले गए थे दोनों
जीआरपी थाना पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि इससे पहले भी दोनों युवक-युवती घर से चले गए थे। परिजन करीब पांच से छह दिन बाद उन्हें तलाश कर वापस ले आए थे। पुलिस इस घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बना रही है। जांच की जा रही है कि सोमवार को दोनों कहां मिले, रेलवे ट्रैक तक किस रास्ते से पहुंचे और क्या रास्ते में उनकी किसी अन्य व्यक्ति से मुलाकात हुई थी। इसके लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। दोनों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बातचीत से संबंधित डाटा की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना से पहले की गतिविधियों और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
दोनों परिवार मेहनत-मजदूरी कर चलाते हैं घर
मनीष और प्रिया के परिवार हल्लोमाजरा में किराये के मकानों में रहते हैं और मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाते हैं। प्रिया का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। वह तीन बहनों में सबसे बड़ी थी। वहीं, मनीष तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था और उसका परिवार मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है। परिजनों के मुताबिक, दोनों परिवार करीब 25 से 30 वर्षों से हल्लोमाजरा में रह रहे हैं।
शुरुआती तौर पर मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा लग रहा है। प्रेम संबंध और परिवार की ओर से लगाई गई पाबंदियों समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। दोनों परिवारों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा और कॉल डिटेल की जांच के बाद ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। - बोधराज, सब इंस्पेक्टर, जीआरपी चंडीगढ़ के जांच अधिकारी