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बजट सत्र के बाद सियासी बदलाव तय: पंजाब में कई मंत्रियों की छुट्टी तो कइयों के बदलेंगे विभाग; ये है कारण

Sat, 22 Mar 2025 08:39 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)

सार

दिल्ली में हार के बाद अब सिर्फ पंजाब में ही आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए अब आप हाईकमान का पूरा फोकस पर पंजाब पर है।
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अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान। - फोटो : X @BhagwantMann
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विस्तार
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पंजाब में आप के नए प्रभारी व सहप्रभारी नियुक्ति के बाद अब मंत्रिमंडल में चेहरे व विभाग बदलने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल हो सकते हैं और कई मंत्रियों को शक्तिशाली बनाया जा सकता है। 

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यह भी पढ़ें: मनीष सिसोदिया बने पंजाब आप प्रभारी: सूबे में बढ़ेगा दिल्ली का दखल... विपक्ष के विरोध का डर नहीं

आप की तरफ से जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण भी करवाया गया है कि कौन-कौन विधायक अधिक लोकप्रिय और बेदाग हैं, उन्हें आगे लाने की तैयारी की जा रही है ताकि 2027 के चुनाव में पार्टी को पूरी ताकत के साथ मैदान में उतारा जा सके।

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शहरी वर्ग में करनी होगी अधिक मेहनत

पार्टी को शहरी वर्ग में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी क्योंकि हाल ही में संपन्न निकाय चुनाव में पार्टी को पटियाला छोड़कर किसी भी जिले में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। पार्टी शहरी वर्ग में सत्ता विरोधी लहर को कुंद करने का खाका तैयार कर रही है, जिसके तहत हिंदू चेहरे को आगे लाया जा सकता है। ऐसे में आप के प्रधान अमन अरोड़ा को पॉवरफुल किया जा सकता है।

जातीय संतुलन पर रहेगा ध्यान

पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक हाईकमान के पास कई मंत्रियों की शिकायतें भी पहुंची हैं कि लोग उनकी कारगुजारी से खुश नहीं हैं। इसके अलावा जातीय संतुलन भी बनाना पड़ेगा। दोआबा दलितों का मुख्य केंद्र है और रविदासिया व वाल्मीकि समाज के लोग बहुसंख्यक हैं। दोआबा में पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी का खासा प्रभाव है, जिसके लिए दोआबा में भी फेरबदल हो सकता है ताकि विधानसभा चुनाव में चन्नी का मुकाबला किया जा सके।

अफसरों पर लगाम कसने वाले दमदार चेहरों पर दांव

वहीं, पार्टी की तरफ से कई दमदार चेहरों को आगे लाया जा सकता है जो अधिकारियों की मनमानी पर पकड़ बना सके। पंजाब में यह फीडबैक भी गया है कि कई प्रशासनिक अधिकारी अपनी मनमर्जी कर रहे हैं और फाइलों को दबाकर लंबे समय से बैठे हुए हैं। पार्टी पंजाब में नए रूप में खुद को उभारने की तैयारी में है। हाल ही में आप सुप्रीमो अमृतसर में विधायक इंद्रबीर निज्जर के निवास पर रुककर गए हैं। उनका मंत्रिमंडल से इस्तीफा ले लिया गया था। डॉ. इंद्रबीर निज्जर को दोबारा लाया जा सकता है या उनको अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है। उनकी पंथक सिख सियासत में खासी पकड़ है। केजरीवाल के उनके निवास पर रुकने के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

दिल्ली चुनाव के बाद पंजाब में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सक्रियता बढ़ा दी है। वे अमृतसर व लुधियाना में रुके और तेजतर्रार भाजपा नेता लक्ष्मीकांता चावला से भी मुलाकात की। इस फेरी के बाद अचानक से आप में प्रभारी व सहप्रभारी में फेरबदल कर दिया गया।
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