सर्वेक्षण की सूची में चंडीगढ़ से ऊपर लखनऊ, इंदौर, जबलपुर, भोपाल, आगरा और सूरत रहे। लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले, इंदौर 197 के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
चंडीगढ़ की हवा ने एक बार फिर अपनी ‘क्लीन रिपोर्ट’ पेश की है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में चंडीगढ़ ने देश के बड़े शहरों के बीच अपनी जगह मजबूत करते हुए 187 अंक हासिल किए और 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में सातवां स्थान साझा किया। चंडीगढ़ के साथ थाणे और राजकोट भी 187 अंकों के साथ सातवें स्थान पर रहे।
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सर्वेक्षण की सूची में चंडीगढ़ से ऊपर लखनऊ, इंदौर, जबलपुर, भोपाल, आगरा और सूरत रहे। लखनऊ 198 अंकों के साथ पहले, इंदौर 197 के साथ दूसरे और जबलपुर 195 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भोपाल और आगरा को 192-192, जबकि सूरत को 191 अंक मिले।
शहर के साथ वार्डों की भी हवा जांची
इस बार सर्वेक्षण में केवल शहरों की रैंकिंग ही नहीं, बल्कि वार्ड स्तर पर भी प्रदर्शन दर्ज किया गया। राज्य स्तरीय वार्ड पुरस्कारों की सूची में चंडीगढ़ के तीन वार्ड शामिल हुए हैं। 30 हजार से अधिक आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-12 को जगह मिली है। वहीं 10 हजार से 30 हजार आबादी वाली श्रेणी में वार्ड-2 और वार्ड-23 शामिल हैं। हालांकि राष्ट्रीय स्तर के वार्ड पुरस्कारों में चंडीगढ़ का कोई वार्ड शीर्ष तीन में जगह नहीं बना सका।
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बड़े शहरों को भी छोड़ा पीछे
187 अंकों के साथ चंडीगढ़ सातवें स्थान पर रहा, जबकि अहमदाबाद और विजयवाड़ा 186 अंक लेकर आठवें, गाजियाबाद और नवी मुंबई 184 अंक लेकर नौवें तथा नागपुर 183.8 अंक के साथ दसवें स्थान पर रहा। शहर और वार्ड, दोनों स्तरों पर चंडीगढ़ की उपलब्धियों को सर्वेक्षण में दर्ज किया गया है।
मार्च से ग्रीन रही शहर की हवा
रैंकिंग के साथ शहर का मौजूदा एयर क्वालिटी रिकॉर्ड भी राहत देने वाला है। मार्च से अब तक ज्यादातर दिनों में एक्यूआई ग्रीन जोन में रहा। सोमवार को शहर का एक्यूआई 41 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज हुआ। शहर में एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग के लिए तीन स्टेशन हैं। सोमवार को सेक्टर-22 में एक्यूआई 38 और सेक्टर-25 में 48 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। यानी रैंकिंग में सातवां स्थान भले ही आंकड़ा हो, लेकिन शहरवासियों के लिए इसका सीधा मतलब है—सांस लेने वाली हवा फिलहाल राहत दे रही है।