फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Stubble Burning: बदस्तूर जारी है पराली का जलना, अधिकतर जिलों में हवा खराब, किसान बोले-हमारी मजबूरी है

Mon, 21 Oct 2024 08:05 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

खरीफ सीजन के दौरान सूबे में पराली जलाने के कुल मामले बढ़कर 1,445 हो गए हैं। पराली जलाने के कारण प्रदेश के अधिकतर जिलों का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स यलो जोन में पहुंच चुका है।
विज्ञापन
बठिंडा में पराली जलाते किसान। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में खरीफ सीजन के दौरान पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। रविवार को पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से सैटलाइट के जरिए डाटा के अनुसार प्रदेश में कुल 52 जगहों पर पराली जली है। प्रदेश की हवा पर भी इसका असर दिखना शुरू हो गई है और रविवार को मंडी गोबिंदगढ़ की हवा पुअर श्रेणी में पहुंच गई, जहां एक्यूआई 230 दर्ज किया गया।

विज्ञापन


वहीं किसानों का कहना है कि हम मजबूर हैं। बठिंडा के किसान राम सिंह ने कहा कि सरकार को कोई स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि पराली जलाने की घटनाओं में कमी आ सके। पराली जलाना हमारी मजबूरी है। सरकार कोई समाधान नहीं दे रही है, बल्कि किसानों पर ही केस दर्ज किए जा रहे हैं... प्रदूषण के लिए हमेशा किसानों को ही जिम्मेदार ठहराते हैं। क्या दिल्ली और पंजाब में फैक्ट्रियां और उद्योग नहीं हैं? क्या वे प्रदूषण में योगदान नहीं दे रहे हैं? 

हर जिले ने पकड़ी रफ्तार

अमृतसर और तरनतारन के बाद अब पटियाला और फिरोजपुर में भी पराली जलाने के मामलों ने रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। पटियाला में पराली जलाने के सबसे अधिक 11 मामले सामने आए हैं। इसके बाद 10 मामले तरनतारन और फिरोजपुर में 9 मामले सामने आए हैं। 7 मामले फतेहगढ़ साहिब और अमृतसर में 4 मामले देखे गए। अमृतसर का एक्यूआई रविवार को 160, जालंधर 143, खन्ना 138, लुधियाना 119, पटियाला 115 और रुपनगर का एक्यूआई 134 दर्ज किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें