पार्टी सूत्र बताते हैं कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष वड़िंग को बदलने व चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने के मसले पर हाईकमान अपना पूर्व निर्धारित फैसला नहीं बदलेगा। कांग्रेस पंजाब में अपना सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी से मान रही है।
भूपेश बघेल ने पंजाब कांग्रेस में चल रही बगावत से संबंधित रिपोर्ट हाईकमान को सौंप दी है। अब मंथन के बाद हाईकमान इस पर फैसला लेगा। उधर नाराज कांग्रेसियों का गुट आगामी रणनीति बनाने के लिए फिर बैठक करेगा। अभी इस गुट को हाईकमान के बुलावे या फैसले का इंतजार है।
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मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद से हटाने व विधानसभा चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने की मांग पर पंजाब कांग्रेस में बगावत चल रही है। इसी बगावत को शांत करने के लिए हाईकमान ने पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजा था। बघेल पंजाब में छह दिन रहे और लगभग सभी नाराज नेताओं से मिले मगर पार्टी में विद्रोह शांत नहीं हुआ। विफल प्रयासों के बाद बघेल को दिल्ली लौटना पड़ा।
इस विवाद के बाद पंजाब में बघेल ने जो माहौल देखा व समझा और संबंधित मसले पर नाराज नेताओं का क्या रूख रहा, इससे संबंधित रिपोर्ट कंपाइल कर बघेल ने सोमवार को हाईकमान के समक्ष रख दी है। अब फैसला राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे को करना है।
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दूसरी ओर, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व में नाराज नेता के धड़े को हाईकमान से समय चाहिए ताकि वे सीधे अपने ऐतराज राहुल गांधी व खरगे के समक्ष रख सकें। इसी धड़े के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कहते हैं, हाईकमान से समय मिल जाए तो बेहतर है यदि नहीं तो ऐसा फैसला होना चाहिए जिससे कांग्रेसियों की नाराजगी दूर हो जाए। विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए समय कम है लिहाजा हाईकमान को जल्द फैसला करना होगा।
उधर पार्टी सूत्र बताते हैं कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष वड़िंग को बदलने व चुनाव से पहले सीएम फेस घोषित करने के मसले पर हाईकमान अपना पूर्व निर्धारित फैसला नहीं बदलेगा। कांग्रेस पंजाब में अपना सीधा मुकाबला आम आदमी पार्टी से मान रही है। फिलहाल भाजपा को गंभीर चुनौती नहीं माना जा रहा है। चुनाव राज्य के सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा जबकि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी चुनाव अभियान का नेतृत्व करेंगे।
पंजाबियों का राहुल पर भरोसा
पंजाब की जनता के मन में कोई भी किंतु और परंतु नहीं है, पंजाब का मतदाता लोकसभा चुनाव की तरह ही विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी पर भरोसा कर रहा है। कांग्रेस पार्टी का पंजाब में एक ही चेहरा है, वो है राहुल गांधी। - भूपेश बघेल, पंजाब प्रभारी
पंजाब में आप से कोई समझाैता नही
भूपेश बघेल ने कहा, पार्टी का अभियान राहुल गांधी के नेतृत्व और उनके राजनीतिक विजन के आधार पर आगे बढ़ेगा। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर किसी नाम की घोषणा नहीं की और कहा कि इस पर उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार, दोनों ने पंजाब के लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफलता दिखाई है। उनके अनुसार कांग्रेस आम आदमी पार्टी के खिलाफ किसी राजनीतिक समझौते के बिना चुनाव लड़ेगी और जनता के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
बघेल ने, किसानों के मुद्दे को आगामी चुनाव का सबसे बड़ा विषय बताया। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन में किसानों ने लंबा संघर्ष किया, लेकिन सरकार ने उनकी भावनाओं की अनदेखी की। उनका कहना था कि भाजपा को इस मुद्दे पर जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने भाजपा पर धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। बघेल ने कहा कि धर्म परिवर्तन और बांग्लादेश से जुड़े मुद्दों को चुनावी हथियार बनाने की कोशिश पंजाब में सफल नहीं होगी। उनका दावा था कि पंजाब के मतदाता ऐसे मुद्दों के बजाय रोजगार, खेती, उद्योग और विकास जैसे वास्तविक सवालों पर मतदान करते हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की पंजाब में सीमित राजनीतिक मौजूदगी रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1951 से 1991 के बीच भी भाजपा राज्य की मुख्य राजनीतिक धारा का हिस्सा नहीं बन सकी थी और आज भी वह पंजाब की सामाजिक तथा राजनीतिक वास्तविकताओं को पूरी तरह नहीं समझ पाई है। उनके अनुसार भाजपा के पास राज्य के लिए कोई ठोस वैकल्पिक राजनीतिक एजेंडा नहीं है।