फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab Flood: बाढ़ में फंसे लोगों की जान बचा रहा सेना का ये खास वाहन, जानिए ATOR N-1200 की खासियत

Thu, 28 Aug 2025 06:39 PM IST
अंकेश ठाकुर मोहित धुपड़, चंडीगढ़

सार

Punjab Flood: पंजाब में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। लोगों को बचाने के लिए सेना की मदद ली जा रही है। वहीं सेना का खास वाहन लोगों की जान बचाने के लिए मददगार साबित हो रहा है। जानिए ATOR N-1200 की खासियत...
विज्ञापन
army ATOR N1200 - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब में बाढ़ से बचाव के लिए सेना व अर्धसैनिक बल के जवान पूरी तरह मुस्तैद हैं। हेलिकॉप्टर रूद्र और चिनूक के बाद लोगों को बचाने के लिए सेना ने अब अपना स्पेशल मोबिलिटी व्हीकल (एसएमवी)  एटीओआर एन-1200 पानी में उतार दिया है। 

विज्ञापन


फिलहाल इसे आर्मी की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए सिक्किम जैसे दुर्गम क्षेत्रों के लिए तैनात किया गया था, लेकिन अब सेना इनका इस्तेमाल पंजाब में अत्यधिक बाढ़ ग्रस्त व चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कर रही है। अमृतसर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान के तहत ऐसे वाहनों को तैनात किया है। यह खास किस्म का वाहन न केवल जमीन बल्कि पानी, बर्फ, रेगिस्तान, घने जंगलों, दलदल, टीले और चट्टानी क्षेत्र में भी आसानी से चल सकता है। नौ लोगों की क्षमता वाले इस एसएमवी को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह वाहन पानी में तैर भी सकता है।

बताते चलें कि जेएसडब्ल्यू गेको मोटर्स द्वारा ब्रिटेन स्थित कोपाटो के साथ साझेदारी में इस वाहन को बनाया गया है। ऑफ रोड और गहरे पानी में गतिशीलता की क्षमता के साथ आपदा राहत कार्याें के लिए इस वाहन को तैयार किया गया है। अमृतसर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में फंसे लोगों तक पहुंचकर इन वाहनों ने उन्हें सकुशल बाहर निकाला।
विज्ञापन


इस उन्नत किस्म के वाहन को हाल ही भारतीय सेना में शामिल किया गया है। करीब ढाई सौ करोड़ की लागत से सेना को ऐसे 96 वाहन मिलने हैं जबकि कुछ वाहन भारतीय सेना को हैंडओवर कर दिए गए हैं। इसके निम्न-दबाव वाले विशाल टायर तैरने वाले उपकरणों और प्रोपेलर की तरह काम करते हैं। यह वाहन हाई पावर स्टील फ्रेम से बना है और अत्यधिक लचीलेपन के हिसाब से इसे डिजाइन किया गया है।

एलओसी व एलएसी पर भी नजर रखेंगे एसएमवी
यह एसएमवी  करीब 4 मीटर लंबा और 2.6 मीटर चौड़ा है जबकि इसकी ऊंचाई 2.8 मीटर है। इसकी पेलोड क्षमता 1200 किलोग्राम है। इसमें नाै लोगों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अतिरिक्त, यह 2,350 किलोग्राम तक भार खींच सकता है। जमीन पर 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाले इस वाहन की गति पानी में 6 किमी प्रतिघंटा है। सहायक कनस्तरों के साथ इसकी ईंधन क्षमता 232 लीटर है, इससे इसकी परिचालन क्षमता 61 घंटे तक रहती है, जो लंबे अभियानों में स्थिरता सुनिश्चित करता है। हर मौसम के लिहाज से इसे -40 डिग्री सेल्सियस से +45 डिग्री सेल्सियस तक संचालन की क्षमता संग डिजाइन किया गया है। सूत्र बताते हैं कि सेना इन्हें एलओसी व एलएसी के दुर्गम इलाकों में तैनात कर सीमाओं पर नजर रखने के काम में लगाना चाहती है, क्योंकि बर्फीली व चट्टानी चोटियों पर यह वाहन आसानी से चढ़ सकते हैं। इसके अलावा पहाड़ी इलाकों में भी लैंडस्लाइड जैसी आपदा के दौरान भी यह स्पेशल वाहन रेस्क्यू ऑपरेशन में बड़े मददगार साबित होंगे।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : पंजाब के लिए मुश्किल होंगे तीन दिन: भारी बारिश का अलर्ट... बाढ़ से जूझ रहे आठ जिले, लोगों को बचाने में जुटी सेना

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें