बहरीन की एक महिला की ओर से एसजीपीसी के एक सदस्य अमरजीत सिंह चावला पर दुष्कर्म किए जाने संबंधी दी गई शिकायत में श्री अकाल तख्त साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी भाई मलकीत सिंह और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के ड्राइवर मोहन सिंह के नाम का भी जिक्र किए जाने के बाद एसजीपीसी ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।
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मामले की जांच फ्लाइंग विभाग को सौंपी
एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नण ने कार्यालय से जारी बयान में बताया कि मीडिया के माध्यम से सामने आई जानकारी का तुरंत संज्ञान लिया गया। अध्यक्ष एडवोकेट धामी के आदेश पर दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मामले की गहन जांच के लिए एसजीपीसी के फ्लाइंग विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्य सचिव मन्नण ने कहा कि शिकायत में जिन लोगों के नाम का जिक्र हुआ है, उनकी भूमिका की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी की मर्यादा और संस्थागत जिम्मेदारी को देखते हुए किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के संबंध में सामने आने वाली शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।