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पंजाब का भूतिया विभाग: कैप्टन सरकार में ही खत्म.... मंत्रियों के पोर्टफोलियो में जुड़ता रहा, अब राजनीति गर्माई

Sun, 23 Feb 2025 08:47 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में प्रशासनिक सुधार विभाग 1994 में शुरू हुआ। यह एलोकेशन ऑफ बिज़नेस रूल 1994 के अंतर्गत शुरू से अस्तित्व में आया था। 2018 में यह मंत्रालय तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास था।
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पंजाब में खत्म हो चुके विभाग पर रार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के पास प्रशासनिक सुधार नाम से ऐसा विभाग था, जो बीते 21 महीने से सरकार में अस्तित्व में ही नहीं है। इस मामले में अब चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। 

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एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म डिपार्टमेंट पंजाब में एलोकेशन ऑफ बिजनेस रूल 1994 के अंतर्गत अस्तित्व में था हालांकि यह विभाग पूर्व कैप्टन सरकार में ही खत्म हो गया था। इसके बाद भी मंत्रियों के पोर्टफोलियो में जुड़ता रहा। इसका कारण ये है कि इसकी समाप्ति की अधिसूचना जारी नहीं हो पाई थी। 

पूर्व सीएम के पास था विभाग

साल 2018 में पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास यह विभाग था। कैप्टन सरकार के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार में यह विभाग विजय इंद्र सिंगला के पास रहा। उनके पास पीडब्ल्यूडी विभाग भी था।

चन्नी सरकार के बाद साल 2022 में सत्ता में आई आम आदमी पार्टी सरकार में भी मंत्रियों के पोर्टफोलियो में यह विभाग जारी रहा। अब पंजाब सरकार की ओर से बीते रोज प्रशासनिक सुधार विभाग के अस्तित्व में नहीं होने का नोटिफिकेशन जारी किया गया।



20 नवंबर 2018 की नोटिफिकेशन के मुताबिक पूर्व सीएम कैप्टन के पास प्रशासनिक सुधार सहित 10 विभाग थे। पूर्व सीएम चन्नी ने अपने पास 15 विभाग रखे थे, उनकी सरकार में यह विभाग विजय इंद्र सिंगला के पास था। पंजाब सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल को पहले आवंटित प्रशासनिक सुधार विभाग आज की तारीख में अस्तित्व में नहीं है इसलिए सीएम की सलाह पर राज्यपाल की ओर से 2 फरवरी, 2025 से संशोधन को प्रभावी किया गया।

विपक्ष ने सीएम मान पर उठाए सवाल

नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने प्रदेश की मान सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह बेहद ही चिंता की बात है कि एक मंत्री पिछले कई महीनों से ऐसे विभाग का कार्यभार संभाल रहा था, जो अस्तित्व में ही नहीं था। बाजवा ने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि पंजाब की आम आदमी पार्टी की सरकार इतने दिनों तक दिल्ली से चल रही थी। मंत्रियों को उनके विभाग में क्या चल रहा है, इसकी जानकारी तक नहीं है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि सरकार ने जब अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया, तो यह सीएम की भी जिम्मेदारी बनती है कि उन्हें कौन से विभाग दिए जा रहे हैं, उसकी जानकारी हो। बिट्टू ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सीएम को भी इतने महीनों तक इसके बारे में कुछ पता नहीं चला।

मई 2023 से धालीवाल के पास है प्रशासनिक विभाग

मई 2023 में कैबिनेट फेरबदल के दौरान धालीवाल को प्रशासनिक विभाग का कार्यभार सौंपा गया था, जब उनसे कृषि और किसान कल्याण विभाग हटा लिया गया था, लेकिन एनआरआई मामलों का विभाग उनके पास ही रहा। कृषि और किसान कल्याण विभाग गुरमीत सिंह खुड्डियां को दिया गया था।

यह सरकार के मानसिक दिवालियापन : सुभाष शर्मा

पंजाब भाजपा महासचिव सुभाष शर्मा ने कहा, यह सरकार के मानसिक दिवालिएपन को दर्शाता है कि एक ऐसा विभाग आवंटित किया गया है, जो अस्तित्व में ही नहीं है। न तो इसे आवंटित करने वालों को और न ही जिन्हें विभाग आवंटित किया गया था, उन्हें इस तथ्य की जानकारी थी कि यह विभाग अस्तित्व में ही नहीं है।  

आप की सरकार पंजाब शैली में चल रही: हरसिमरत

अकाली दल की नेता और बठिंडा से सांसद हरसिमरत कौर बादल ने भी आप सरकार पर कटाक्ष किया। बादल ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, आपकी सरकार पंजाब शैली में चल रही है। मंत्रियों को ऐसे विभाग आवंटित किए जा रहे हैं जो अस्तित्व में ही नहीं हैं और उन्हें खुद भी नहीं पता कि उनके पास कौन से विभाग हैं। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि मंत्रियों की सरकार चलाने में कोई भूमिका नहीं है और सरकार दिल्ली से रिमोट कंट्रोल के जरिये चल रही है। पंजाब कांग्रेस के प्रमुख और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी एक पोस्ट में सरकार पर कटाक्ष किया। इस मामले पर एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, क्या बदलाव है!
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विपक्ष बेवजह मुद्दा बनाने में लगा: नील गर्ग

प्रशासनिक सुधार विभाग मामले पर आम आदमी पार्टी (आप) ने विपक्ष पर पलटवार किया है। पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेताओं की आलोचना की और कहा कि वे लोग बेवजह इस मामले को मुद्दा बना रहे हैं। आप पंजाब के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता नील गर्ग ने कहा कि इस विभाग के कभी अस्तित्व में न होने की बात बिल्कुल बेतुकी और झूठी है। नील गर्ग ने कहा कि विपक्ष आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के मकसद से जानबूझकर इस मामले को तूल दे रहे हैं, जबकि इस तरह का मामला कोई नया नहीं है। केंद्र और राज्य की सरकारों ने कई बार अपने विभिन्न विभागों को खत्म किया है। नील गर्ग ने विपक्षी नेता प्रताप सिंह बाजवा, विक्रम मजीठिया और कांग्रेस के पंजाब प्रधान राजा वड़िंग पर हमला बोला और कहा कि इस तरह के बेतुके मामले उठाने के बजाय जनता के मामले उठाएं।
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