पंजाब के एनआरआई मामलों में मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने माना कि 70 प्रतिशत धान मंडियों में पड़ा है। क्योंकि धान की लिफ्टिंग नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि एफसीआई और केंद्र सरकार जानबूझकर धान के उठान में देरी कर रही है।
पंजाब में धान की लिफ्टिंग न होने से किसान परेशान हैं। प्रदेश की तमाम मंडियों में धान की खरीद न के बराबर है। इस पर पंजाब के एनआरआई मामलों में मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने एफसीआई और केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
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कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब में एकमात्र समस्या धान की लिफ्टिंग की हो रही है। 70 प्रतिशत धान की फसल मंडियों में पड़ी है। शेलरों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने पहले भंडारित धान को नहीं खरीदा है। इस वजह से मंडियों में धान की ढेर लग रहे हैं। यह एफसीआई और केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि उचित भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यह एफसीआई का काम है कि धान की लिफ्टिंग शुरू करे और उठान में तेजी लाई। क्योंकि एफसीआई ही हर बार फसल खरीदती है। यह हर बार का काम है। क्योंकि हर फसल को केंद्र सरकार और एफसीआई खरीदती है। इसलिए इस बार भी धान की फसल का समय पर उठान होना चाहिए था। इसमें पंजाब सरकार की कोई गलती नहीं है। क्योंकि फसल खरीद के लिए हर बार एक ही सिस्टम अपनाया जाता है। इसमें कुछ नया करने की कोई जरूरत नहीं है।
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केंद्र सरकार जानबूझकर कर रही देरी
मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने आरोप लगाया कि जानबूझ कर केंद्र सरकार ने धान की लिफ्टिंग में देर कर रही है। इससे प्रदेश के किसान परेशान हो रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान दिल्ली तक बात कर चुके हैं कि धान की लिफ्टिंग शुरू की जाए और इसमें तेज लाई जाए। उन्होंने कहा कि फसल की खरीद के लिए पैमेंट और दाम की कोई समस्या नहीं है। समस्या है तो केवल लिफ्टिंग की, जो केंद्र और एफसीआई करती है। हमारी कोशिश है कि दो-तीन दिन में धान की लिफ्टिंग शुरू कराई जाए।
दिल्ली में प्रदूषण के लिए पंजाब जिम्मेदार नहीं
कुलदीप धालीवाल ने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ने में पंजाब की कोई भूमिका नहीं है। दिल्ली में गैस चैंबर जो बन रहा है उसके लिए पंजाब को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।