पिता अवतार सिंह और बेटा जसप्रीत सिंह।
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पढ़ने-लिखने की उम्र नहीं होती... एक बहुत ही सार्थक कहावत है, जिसका मतलब है कि सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की कोई निर्धारित आयुसीमा नहीं होती। कोई भी व्यक्ति, किसी भी उम्र में, पढ़ना और लिखना सीख सकता है। जीवन में कभी भी सीखने की इच्छा नहीं खोनी चाहिए। इसी कहावत को पंजाब के बरनाला जिले के गांव रायसर के पिता-पुत्र ने सार्थक किया है। बाप और बेटे ने पंजाब बोर्ड से 12वीं की परीक्षा एक साथ पास की है।
12वीं की परीक्षा पास कर उन्होंने गांव, आस-पड़ोस और समाज को शिक्षित होने का संदेश भी दिया है। बरनाला के गांव रायसर में पिता-पुत्र ने इस बार 12वीं की परीक्षा एक साथ अच्छे नंबरों से पास की। 60 वर्षीय पिता अवतार सिंह और 24 वर्षीय बेटे जसप्रीत सिंह ने एक साथ 12वीं की परीक्षा दी थी। हैरानी की बात यह है कि अवतार सिंह ने बेटे से ज्यादा अंक हासिल किए हैं। अवतार सिंह ने 500/360 (72%) अंक और बेटे जसप्रीत सिंह ने 500/345 (69%) अंक हासिल किए हैं।
अवतार सिंह पुराने लेखक हैं। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाले अवतार सिंह परिवार का खर्च चलाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वहीं उनका बेटा जसप्रीत सिंह एक फैक्टरी में काम करके परिवार का भरण-पोषण कर रहा है।