केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार के स्वास्थ्य विभाग को 15वें वित्त आयोग अनुदान के रूप में 250 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी कर दी है। इससे जहां अस्पतालों की हालत सुधारने के लिए काम किया जाएगा, वहीं शहरी आम आदमी क्लीनिकों के इंफ्रास्ट्रक्चर में भी बढ़ोतरी की जा सकेगी। इसी तरह केंद्र ने नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचम) के तहत 130 करोड़ रुपये की दूसरी ग्रांट भी जारी कर दी है।
केंद्र सरकार ने आरोप लगाया था कि एनएचएम फंड का दुरुपयोग करके पंजाब में आम आदमी पार्टी क्लीनिक खोले गए। अब केंद्र व राज्य सरकार की बीच सहमति बनी है कि राज्य सरकार इस योजना में केंद्र की ब्रांडिंग करेगा, जिसके बाद ही रुकी हुई राशि जारी की गई है। राज्य सरकार की तरफ से सबमिट उपयोगिता प्रमाण पत्र के अनुसार उसके पास 663 करोड़ रुपये का कुल फंड था, जिसमें से 517 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए हैं।
इस तरह कुल 77.98 प्रतिशत राशि राज्य की तरफ से खर्च की गई है। केंद्र ने राज्य को निर्देश दिए थे कि नई ग्रांट मांगने से पहले पुरानी ग्रांट का उपयोगिता प्रमाण पत्र सबमिट किया जाना चाहिए। बता दें कि आम आदमी क्लीनिकों में एक मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, क्लीनिक असिस्टेंट और स्वीपर एवं हेल्पर की सुविधा दी गई है। साथ ही 80 तरह की दवाइयां भी उपलब्ध है, लेकिन केंद्र से फंड न मिलने के चलते सरकार को यह खर्च उठाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।