फिरोजपुर जेल में गैंगस्टरों, आतंकियों व अन्य बंदियों तक स्टाफ के संग मिलकर नशा और मोबाइल पहुंचाने वाले जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्टाफ से मिलकर बंदियों तक उनकी जरूरत की वस्तुएं पहुंचाकर मोटी रकम वसूलता था। यही नहीं आरोप है कि उक्त डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल में बंद तस्करों व गैंगस्टरों से मिलकर सीमा पार से ड्रोन के माध्यम से ड्रग्स मंगवाने की योजना भी बना रहा था। उधर, थाना सिटी पुलिस ने शुक्रवार को उक्त डिप्टी सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
थाना सिटी के इंस्पेक्टर मोहित धवन के मुताबिक जब वह पुलिस टीम संग रूटीन में क्षेत्र में गश्त करते हुए बगदादी गेट इलाके के पास पहुंचे तो मुखबिर ने उन्हें सूचना दी कि जेल विभाग का उपाधीक्षक गुरचरण सिंह धालीवाल अपने स्टाफ की मदद से जेल में बंद बंदियों को बड़े पैमाने में मोबाइल व नशा की सप्लाई कर रहा है।
जेल के अंदर कैदियों और विचाराधीन कैदियों द्वारा 96466-85719 और 99141-87049 नंबर वाले दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट तस्करों व गैंगस्टरों से मिलकर ड्रोन के जरिये सीमा पार से ड्रग्स मंगवाने की फिराक में है।
कुछ हफ्ते पूर्व डिप्टी सुपरिंटेंडेंट गुरचरण सिंह ने जेल की हाई सिक्योरिटी जोन में बंद आतंकवादियों, गैंगस्टरों और तस्करों को कम से कम पांच मोबाइल की आपूर्ति की है, इसके बदले में मोटी रकम वसूली गई है। इंस्पेक्टर का दावा है कि इस धंधे में जेल के और मुलाजिमों पर भी गाज गिर सकती है। उल्लेखनीय है कि एक माह के भीतर जेल के अंदर बंदियों से 30 से ज्यादा मोबाइल पकड़े जा चुके हैं। इससे पूर्व जेल अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर बंदियों को नशा सप्लाई करने में पकड़ा जा चुका है। केंद्रीय जेल फिरोजपुर में कुख्यात गैगस्टर, आतंकी व तस्कर बंद हैं।
जेल मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि केंद्रीय जेल फिरोजपुर के उपाधीक्षक गुरचरण धालीवाल को एनडीपीएस अधिनियम, आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। धालीवाल पर सेंट्रल जेल फिरोजपुर में बंद हाई रिस्क कैदियों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया है।