ड्रग मामले में फंसे ओलंपिक पदक विजेता विजेंदर सिंह को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) जल्द ही डोप टेस्ट के लिए बुला सकती है। राष्ट्रीय स्तर के बॉक्सर राम सिंह के ड्रग लेने की स्वीकारोक्ति के बाद कि एनआईएस में बॉक्सिंग के चीफ कोच गुरबख्श सिंह संधू ने कहा कि नाडा कभी भी रेंडमली किसी नेशनल खिलाड़ी का डोप टेस्ट कर सकती है।
विजेंदर ने भी फोन पर खुद को निर्दोष बताते हुए किसी भी तरह के मेडिकल टेस्ट करवाने की बात कही है। हालांकि इस संबंधी उन्हें अभी नाडा से कोई लिखित जानकारी नहीं मिली है। वहीं नाडा के सूत्रों का कहना है कि यह पुलिस और नारकोटिक्स विभाग का मामला है। इसमें नाडा का कोई रोल नहीं है।
अपनी गलती ठीक करने को बदल रहा बयान
एनआईएस में बॉक्सिंग चीफ कोच गुरबख्श सिंह संधू ने बताया कि राम सिंह ने शनिवार को दिए अपने बयान में कहा था कि उसने और विजेंदर ने शौकिया तौर पर तीन-चार बार ड्रग लिए थे। जबकि रविवार को कहा कि उसने और विजेंदर ने फूड सप्लीमेंट्स समझ कर ड्रग लिए थे।
संधू ने कहा कि राम सिंह को अब अपनी गलती का अहसास हो गया है कि वह विजेंदर को गलत फंसा रहा है, शायद इसलिए बयान बदल कर बचने की कोशिश कर रहा है। राम सिंह और विजेंदर सिंह बहुत अच्छे दोस्त थे। पता नहीं क्यों राम सिंह ड्रग मामले में विजेंदर को फंसा रहा है। विजेंदर सिंह का डोप टेस्ट कभी भी फेल नहीं हुआ।
गलती से हेरोइन लेने का सवाल ही नहीं
एनआईएस के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर एलएस राणावत ने राम सिंह के उस दावे का खंडन किया कि उसने और विजेंदर ने फूड सप्लीमेंट्स समझ कर ड्रग लिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की डाइट के लिए कमेटी बनी है जिसमें डॉक्टर भी शामिल है। इस लिए इसे गलती से लेने का सवाल ही नहीं उठता। राणावत ने साफ किया कि अब खिलाड़ियों को फूड सप्लीमेंट्स साई मुहैया नहीं कराता है।
ओलंपिक के बाद नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) और वर्ल्ड एंडी डोपिंग एजेंसी (वाडा) की ओर से जारी हिदायतों के मुताबिक खिलाड़ी संबंधित कोच और डॉक्टर की देखरेख में खुद फूड सप्लीमेंट खरीदता है, जिसके लिए प्रति खिलाड़ी 250 रुपये दिए जाते हैं। यह फूड सप्लीमेंट्स खिलाड़ी को मान्यता प्राप्त डीलर से मिलता है। इसके अलावा गैर प्रतिबंधित ड्रग्स जो बाकायदा लिस्ट में दी गई होती हैं, वे लेनी होती हैं।