आठ साल की बेबो...अपने पिता शहीद लेफ्टिनेंट कर्नल बिक्रमजीत सिंह को अपना स्टार समझती थी...उनकी हर बात को फॉलो करती थी। सांबा में आतंकियों के हमले ने नन्ही बेबो की मुस्कान छीन ली।
पिता की तस्वीर को छाती से लगा ली
पिता के पार्थिव शरीर के साथ सांबा से चंडीमंदिर आते हुए बेबो अपनी मां नवनीत कौर के साथ पिता का शव देखकर रोती जा रही थी...कभी दादा आंसू पोंछते तो कभी मां। वहीं जब सेक्टर 18 स्थित घर में जब बिक्रमजीत की तस्वीर मीडिया में देने के लिए बाहर ले जाई जाने लगी तो बेबो ने तस्वीर छीन ली। वह उसे छाती से लगाकर जोर-जोर से रोने लगी। गुरप्रीत ने कहा कि वीर जी अपनी बेटी को बेहद प्यार करते थे। उसको हम सभी प्यार से बेबो कहकर बुलाते हैं। जब बिक्रमजीत सिंह ड्यूटी पर होते तो बेबो उनको सबसे ज्यादा मिस करती थी। उनके संग ही खेलती। उनके रिश्तेदार हरपाल सिंह ने कहा कि बिक्रमजीत सिंह जुझारू थे और किसी से न डरने वाले भी। वे अपने रिश्तेदारों के बीच एक स्टार थे। जब भी मिलते तो चेहरे पर मुस्कान रहती।
कहा था, ज्यादा छुट्टियां लेकर आऊंगा
शहीद बिक्रमजीत की बहन (कजिन) गुरप्रीत कौर ने बताया कि वीर जी जब आखिरी बार जुलाई में चंडीगढ़ में आए तो कहा था कि अभी मिलने का समय नहीं है, अगली बार ज्यादा छुट्टियां लेकर आऊंगा और जरूर मिलूंगा...कई काम भी करने हैं। इतना कहते हुए गुरप्रीत का गला भर आया।
देश का बेटा हो गया शहीद :
चंडीगढ़ के मेयर सुभाष चावला लेफ्टिनेंट कर्नल बिक्रमजीत सिंह की शहादत की खबर मिलते ही उनके पिता के पास पहुंचे। चावला ने उन्हें ढांढस बंधाया। चावला ने कहा कि सांबा और कठुआ में आतंकियों ने नापाक हरकत की है। उन्होंने कहा कि देश का बेटा शहीद हो गया है।
अगली बार तेरे लिए भी कुछ लाऊंगा...
किशनगढ़ के रहने वाले संतराम को अचानक साहब का फोन आया कि जल्द से जल्द पहुंच जाएं। संतराम मेजर पीजे सिंह के घर में काम करता है। जैसे ही वह घर आया तो साहब बोले...छोटे साहब को गोली लगी है, वह पूरे हो गए हैं। संतराम अवाक रह गया। संतराम ने कहा कि जब जुलाई में छोटे साहब चंडीगढ़ आए थे तो उसे बोले थे कि अगली बार आऊंगा तो तुम्हारे लिए कुछ लाऊंगा।