जोगा के एक किसान ने रविवार रात को फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पार्षद राजिंदर सिंह मिंटू ने बताया कि बुक्कण सिंह (50) निवासी जोगा ने कर्ज से तंग आकर आत्महत्या कर ली।
उक्त किसान पर बैंक और सोसाइटी का करीब चार लाख कर्ज था। बुक्कण सिंह के पास डेढ़ एकड़ जमीन थी। इसमें उसने कपास की फसल बोई थी। वह सफेद मक्खी के हमले से बर्बाद हो गई।
आर्थिक तंगहाली और उसके बेटे के पढ़ लिख जाने के बाद भी कोई रोजगार न मिलने से वह बीते काफी समय से मानसिक तौर पर परेशान चला आ रहा था।
उन्होंने बताया कि रविवार रात को उसने अपने खेत में जाकर फंदा लगाकर जान दे दी। नगर पंचायत जोगा के उप प्रधान गुरमीत सिंह ने कहा कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों से किसान आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी, कर्ज माफी और योग्य मुआवजा देने की मांग की।