बुआ की ओर से गोद लेने वाले युवक द्वारा आत्महत्या करने के मामले में मृतक के जैविक पिता ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
आरोप है कि कानूनी तौर पर गोद लेने के बावजूद मृतक की बुआ और फूफा ने उसे अपनी संपत्ति में हिस्सा देने से इंकार कर दिया। साथ ही उसे घर से निकाल दिया। इसी वजह से परेशान होकर युवक ने आत्महत्या कर ली।
रामां मंडी निवासी कृष्ण लाल ने रामां पुलिस को दी सूचना में बताया है कि उसके पुत्र चेतन को दो साल की उम्र में ही उसकी बहन मौड मंडी निवासी आशा रानी और जीजा सोमनाथ ने कोई औलाद न होने के कारण गोद ले लिया था। मामले में गोदनामे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई गई थी।
इसके बाद उसकी बहन ने एक पुत्र को जन्म लिया। इसके बाद उसकी बहन और जीजा का व्यवहार अपने गोद लिए पुत्र यानि चेतन गुप्ता के प्रति पूरी तरह बदल गया। बाद में बहन का पूरा परिवार बठिंडा में रहने लगा। इसी बीच चेतन को उसकी बहन आशा, जीजा सोमनाथ और उनका लड़का चिराग गुप्ता ने घर से निकाल दिया।
परेशान होकर चेतन गुप्ता ने जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। मृतक ने मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा था। जिसमें उसने अपनी मौत का कारण स्पष्ट किया है।