अपने विधानसभा हलके मौड मंडी के गांव कुत्तीवाल में पंचायतों को चेक बांटने आए पीडब्ल्यूडी मंत्री जनमेजा सिंह सेखों के काफिले पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया।
इसमें मंत्री तो बच निकले लेकिन उनके काफिले में चल रही डीएसपी दविंदर सिंह की गाड़ी के शीशे टूट गए। पुलिस ने तीन नामजद लोगों के अलावा कुछ अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पीडब्ल्यू विभाग के मंत्री जनमेजा सिंह सेखों बुधवार को गांव कुत्तीवाल में पंचायत को चेक बांटने पहुंचे थे। इस दौरान मौड मंडी ट्रक यूनियन के चल रहे विवाद को लेकर जब उन्हें कुछ लोग मिले तो उन्होंने निपटारे के लिए प्रशासनिक अधिकारी की ड्यूटी लगाने की बात कही।
इस बात से गुस्साए लोगों ने सेखों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सेखों जब वहां से निकलने लगे तो उसी गांव के ही कुछ अन्य लोगों ने गांव में पानी की निकासी को लेकर उनका विरोध किया। जब पुलिस ने उन्हें शांत करना चाहा तो वह और भड़क गए और उन्होंने अकाली मंत्री के काफिले पर हमला बोल दिया।
मंत्री तो बचकर निकल गए लेकिन उनके काफिले में तैनात पंजाब पुलिस के डीएसपी की गाड़ी के शीशे टूट गए। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया और बाद में उन्हें रिहा कर दिया। देर शाम डीएसपी दविंदर सिंह ने मीडिया को बताया कि हमला बोलने पर तीन लोगों की पहचान कर ली गई है। इनमें जगतार सिंह, सुखविंदर सिंह और बिंदर सिंह शामिल हैं।
मनरेगा श्रमिकों ने भी किया विरोध
सेखों के विरोध का सिलसिला दिनभर चला। शाम को मंत्री जब कमालू गांव चेक बांटने पहुंचे तो वहां मनरेगा मजदूरों ने उनका विरोध किया। पुलिस ने अकाली वर्करों को मंत्री से मिलने की अनुमति नहीं दी। इसके चलते वर्करों ने भी जमकर हंगामा किया।
मैं सुरक्षित हूं। मेरी गाड़ी को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है लेकिन डीएसपी की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए हैं।
जनमेजा सिंह सेखों, पीडब्ल्यूडी मंत्री
काफिले पर हमला करने वाले लोगों में से तीन की पहचान कर ली गई है। इन सभी की तलाश की जा रही है।
डीएसपी दविंदर सिंह