स्थानीय जीवन नगर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान काली माता मंदिर को ध्वस्त करने के मामले में हिंदू संगठनों के आगे आने के बाद विवाद का खत्म हो गया। सोमवार को हिंदू संगठनों की निगरानी में मोहल्ले के लोगों ने मंदिर के पुनर्निर्माण का काम भी शुरू कर दिया।
शुक्रवार को नगर प्रशासन ने यहां स्थित काली माता के मंदिर को अतिक्रमण करार देकर ध्वस्त कर दिया था। प्रशासन के इस कार्रवाई से मोहल्ले के लोगों में रोष था।
उसी दिन से लोग मंदिर स्थल के पास धरना भी दे रहे थे। प्रशासन की इस कार्रवाई के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल समेत अन्य हिंदू संगठनों ने भी एतराज जताया था। हिंदू संगठनों की ओर से धरने पर बैठे लोगों का समर्थन किया गया था।
धार्मिक मामला होने के नाते इसके तूल पकड़ने के कारण आखिरकार नगर प्रशासन को नरम रुख अख्तियार करना पड़ा। दोनों तरफ से मंदिर के पुनर्निर्माण की बात पर सहमति बनने पर विवाद सांत हुआ। मामले के सुलझते ही सोमवार से मोहल्ले के लोगों ने धार्मिक रीति रिवाजों के साथ मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया।
इस मौके पर पूर्व भाजपा सांसद गुरचरण कौर पंजगराईं, विहिप के प्रांतीय नेता पवन कुमार, भाजपा नेता श्याम लाल मैंगी, मानवाधिकार संगठन के चेयरमैन गुरलाल सिंह लाली, महंत हरिकृष्ण सीकरी ने मंदिर निर्माण की रस्मी शुरुआत करवाई। इस मौके पर चौधरी हरिकृष्ण, रमेश गोयल, जतिंदर बंटी, विक्की सहगल मौजूद थे।