अब पुलिस अधिकारियों की ओर से नशा विरोधी मुहिम के लिए किए कार्यों का लेखा-जोखा उनकी सालाना गुप्त रिपोर्ट में भी दर्ज होगा। यह फैसला पुलिस अधिकारियों को पंजाब सरकार की ओर से राज्य में नशों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम की सफलता के लिए जवाबदेह बनाने के लिए लिया गया है।
पटियाला के डिवीजनल कमिश्नर अजीत सिंह पन्नू ने पटियाला डिवीजन के अधीन आते पांच जिलों लुधियाना, संगरूर, पटियाला, बरनाला और फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिश्नरों को हिदायत दी है कि राज्य सरकार की नशा विरोधी मुहिम के लिए किए गए कार्यों संबंधी अपने-अपने क्षेत्र में तैनात सभी आईएएस, पीसीएस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की सालाना गुप्त रिपोर्ट में यह कथन दर्ज करने यकीनी बनाए जाएं कि उन्होंने इस नशा निरोधी मुहिम के लिए क्या काम किए हैं।
पटियाला डिवीजन के डिप्टी कमिश्नरों को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार की ओर से प्रदेश को नशा मुक्त करने के लिए अहम कदम उठाए गए हैं। इसके तहत नशों की सप्लाई लाइन तोड़ने के साथ-साथ नशों में फंसे लोगों का मुफ्त इलाज भी कराया जा रहा है।
इस सारे काम में सिविल प्रशासन की अहम भूमिका है। इसलिए अधिकारियों की ओर से की गई अच्छी और बुरी कारगुजारी उनकी सालाना गुप्त रिपोर्ट में दर्ज होगा। उन्होंने सभी डीसी को हिदायत की कि वह अपने-अपने जिले में नशा छुड़ाओ मुहिम तहत किए गए कामों और इसकी प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रोफार्मा में भर कर रोजाना उन्हें भेजें। डिप्टी कमिश्नरों की ओर से किए कामों के बारे में वह खुद उनकी एसीआर में कथन दर्ज करेंगे।