कैप्टन सरकार के दागी मंत्रियों की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी अड़ गई है। मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने को लेकर आप के नेता और नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। चीमा ने कहा कि राणा गुरजीत के साथ बैठे मुख्यमंत्री कैसे रेत माफिया पर नकेल कस पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब और किसानी के लिए भारत भूषण आशु को भी घातक बताया।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय से जारी बयान में चीमा ने कहा कि भ्रष्ट और दागी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किए जाने से साबित हो गया है कि कांग्रेस चेहरे बदलकर भी अपना किरदार नहीं बदल सकती। वरिष्ठ मंत्रियों की कैबिनेट में एंट्री से चन्नी के उस दावे की भी हवा निकल गई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह रहेंगे या भ्रष्टाचारी रहेंगे।
चीमा ने तर्क दिया कि दागी मंत्रियों का केवल विरोधी पक्ष होने के नाते विरोध नहीं कर रहे, बल्कि सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक भी इनका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस विधायकों द्वारा सोनिया गांधी को लिखे पत्र ने आप के आरोपों की पुष्टि कर दी है। चीमा ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री चन्नी अपने भ्रष्टाचार विरोधी दावे पर कायम रहते तो किसी भी कीमत पर दागी मंत्रियों की एंट्री कैबिनेट में नहीं होने देते, लेकिन चन्नी अपनी कुर्सी के लिए कांग्रेस हाईकमान और स्वयंभू सुपर सीएम नवजोत सिंह सिद्धू के सामने दब गए हैं। इन्हीं कमजोरियों के कारण कांग्रेस को भ्रष्टाचार की जन्मदाती कहा जाता है। चीमा ने चरणजीत सिंह चन्नी सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए चेताया कि यदि पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत समेत अन्य भ्रष्टाचारी मंत्रियों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किए गए तो आम आदमी पार्टी चन्नी सरकार के खिलाफ राज्य स्तरीय संघर्ष का बिगुल बजा देगी।