पठानकोट, जेएंडके और दीनानगर, गुरदासपुर में संदिग्ध दिखे हैं। जेएंडके के कठुआ जिले में संदिग्धों की सक्रियता ज्यादा देखने को मिली है। हाल ही में सेना के वाहन पर आतंकी हमले में पांच जवानों के बलिदान के बाद तीन राज्याें की पुलिस और सेना आतंकियों के ठिकाने पता लगाने के लिए सर्च में जुटी है।
सेना और पुलिस ने पठानकोट में लगातार दिखाई दे रहे संदिग्धों की तलाश संयुक्त रूप से तेज कर दी है। तीन राज्यों पंजाब, जेएंडके और हिमाचल की सीमाओं पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है और प्रत्येक आने जाने वाले लोगों की तलाशी ली जा रही है। इसके अलावा भारत-पाक सीमा पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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अतिरिक्त हाई अलर्ट और सुरक्षा उद्देश्य के लिए सीमावर्ती क्षेत्र में सेना द्वारा एचएचटीआई, पीटीजेड कैमरे लगा दिए गए हैं, जो एक किलोमीटर तक की रेंज में आतंकियों की किसी भी तरह की हरकत पर कैप्चर करेंगे। वहीं, पठानकोट और जेएंडके बार्डर पर सेना ने अतिरिक्त रोटेटिंग लाइटें भी इंस्टाल की हैं। दूसरी ओर नदियों-नालों पर भी फैंसिंग (बीएस बाढ़) लगाई और सैनिक बढ़ाए गए हैं। वहीं संदिग्धों की तलाश के लिए बाहरी राज्यों से सेना की टुकड़ियां आई हैं।
इंटर स्टेट नाकों पर पुलिस और सेना रहेगी मौजूद
पठानकोट के बॉर्डर क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा स्थापित किए गए प्रत्येक इंटरस्टेट नाके पर पुलिस के साथ अब सेना भी मौजूद रहेगी। इससे पहले इंटर स्टेट नाकों पर अकेले पुलिस ही चैकिंग में रहती थी और समय की जरूरत अनुसार पुलिस सेना का सहयोग भी साथ में रखना जरूरी समझ रही है। वहीं, बॉर्डर के कई सुनसान रास्तों पर पुलिस प्रशासन के पक्के नाके भी लगाए जा रहे हैं और दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। समय-समय पर पुलिस और सेना सर्च भी चलाएगी, जो बेहद जरूरी है।
आतंकियों ने भारत में घुसपैठ का रास्ता बदला
जेएंडके के कठुआ जिले में सेना पर आतंकी हमले के बाद पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने जेएंडके पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से बैठक की। मीटिंग में यह इनपुट साझा किया गया कि आतंकियों ने भारत में घुसपैठ करने का रास्ता बदल लिया है। आतंकी अब पंजाब के रास्ते घुसपैठ कर रह हैं क्योंकि पठानकोट, गुरदासपुर और दीनानगर समेत कई जगह संदिग्ध लोगों को दिखे हैं। इसी मीटिंग के बाद आतंकवाद को खत्म करने के लिए पंजाब के बाॅर्डर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने को कहा गया।