दोपहर बाद 12:30 बजे वह और उनका भाई दोनों मोटरसाइकिल पर बेटे की तलाश निकले। दोनों बेटे के दोस्त बल के घर राम तीर्थ रोड की तरफ जा रहे थे। राधा स्वामी डेरा राम तीर्थ रोड पर पहुंचे तो देख उनका बेटा गुरप्रवेश सिंह अपने दोस्त बल की कार में बैठा था। कार को बल चला रहा था। दोनों बाईपास की तरफ जा रहे थे।
उन्होंने मोटरसाइकिल कार के पीछे लगा दी। होली सिटी पुल के नजदीक बाईपास पर इनोवा क्रिस्टा कार और वरना का पहले से ही एक्सीडेंट हुआ था। वहां कुछ लड़के खड़े थे। उनके बेटे और उसके दोस्त ने वहां कार रोकी और उतरकर वहां खड़े लड़कों से बातचीत करने लगे। उस समय दोपहर के दो बजे थे।
इसी दौरान वहां तीन और गाड़ियां आ गईं। इसमें से फतेह रंधावा निवासी गांव कुकड़ावाला अपने साथियों समेत बाहर निकला और बल के साथ हादसे के विवाद में झगड़ा करने लगा। उनका बेटा गुरु प्रवेश सिंह झगड़ा छुड़ाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान फतेह रंधावा के साथ आए लड़कों ने हथियार निकाल लिए और हत्या के इरादे से फायरिंग कर दी। एक गोली उनके बेटे की बाजू में लगी और दूसरी गोली पेट में जा लगी। वह और उनका भाई दोनों ने यह देख शोर मचाया तो आरोपी हथियारों समेत गाड़ियों में फरार हो गए। उनका बेटा खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर गया।
उन्होंने बेटे को इलाज के लिए अमनदीप अस्पताल में दाखिल करवाया। जहां उसकी मौत हो गई। वारदात के दौरान उनके बेटे के दोस्त सुमितपाल सिंह उर्फ बल की बाजू में भी गोली लगी है। वहां मौजूद अन्य युवक सावन प्रीत सिंह निवासी गांव कंबो की दोनों टांगों में गोलियां लगी हैं। दोनों गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल हैं।
बेटे के दोस्त के साथ थी आरोपियों की रंजिश
गोलियां चलाने वालों में फतेह रंधावा, गुरविंदर मान बग्गा, परमन, भोला और कुछ अज्ञात शामिल हैं। आरोपी फतेह रंधावा और उनके बेटे के दोस्त सुमितपाल सिंह का पहले से ही कोई विवाद चल रहा है। इस दौरान जब सड़क हादसे के मामले में विवाद हुआ तो रंजिश में आरोपियों ने फायरिंग कर दी। जिन लोगों की कारों में भिड़त हुई थी, उनमें कुछ बेटे के दोस्त के जानकार थे और कुछ आरोपियों के जानकार थे। वारदात के बाद अमृतसर सिटी पुलिस के आला अधिकारी और थाना कैंट के एसएचओ सुखइंदर सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।