कृषि ऑर्डिनेंस के विरोध में अमृतसर के जंडियाला स्थित देवीदास पुरा में केसरी दुपट्टे पहन केंद्र ?
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केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ अमृतसर-दिल्ली रेलवे ट्रैक पर बैठे किसानों का धरना-प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। कस्बा जंडियाला गुरु के गांव देवीदासपुर के ट्रैक पर प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ रविवार को सैकड़ों महिलाएं भी शामिल हुईं। केसरी रंग का दुपट्टा ओढ़े इन महिलाओं ने हाथों में किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के झंडे उठाये थे। महिलाओं ने नए कृषि विधेयक के विरोध में मोदी सरकार के खिलाफ रोष जताया।
किसानों के समर्थन में कई गांवों के लोग रेलवे ट्रैक पर पहुंच रहे हैं। किसानों को खाने-पीने की कोई भी समस्या न पेश आए इसके लिए कई सिख संगठन व कार सेवा वाले बाबा लंगर लेकर प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे हैं। किसानों को कई तरह के पकवान छकाए जा रहे हैं। जिसमें मीठे चावल व जलेबियां हैं। किसानों के लिए चाय का लंगर भी निरंतर चल रहा है। कार सेवा के बाबा गुरप्रीत सिंह के अनुसार जितने दिन किसान धरना प्रदर्शन करेंगे, उतने दिन लंगर की सेवा चलती रहेगी।
किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागेदारी से स्पष्ट है कृषि विधेयकों के विरोध में जन समर्थन किसानों के साथ है। इस बीच पंजाबी गायक हरभजन मान, एमी विर्क, तरसेम जस्सल, जज बाजवा, लखा सधाना व रंजीत बावा भी विरोध में शामिल हुए। इन्होंने किसानों को समर्थन देने के लिए अमृतसर-बटाला राष्ट्रीय राजमार्ग में पहुंचने की घोषणा की है। इसी बीच पूर्व मंत्री नवजोत सिद्धू ने 28 सितंबर को संगरूर में प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में पहुंचने की घोषणा की है।
एसजीपीसी प्रदर्शन कर रहे किसानों को लंगर भेजेगी: लौंगोवाल
एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने सभी गुरुद्वारा प्रबंधकों को निर्देश जारी किए कि वह धरना-प्रदर्शन पर बैठे किसानों को लंगर भेजा जाए। एसजीपीसी किसानों के संघर्ष के साथ खड़ी है। किसान इस लड़ाई में अकेले नहीं है। पंजाब का हर वर्ग उनके साथ खड़ा है। लौंगोवाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इन विधेयकों को वापस लिया जाए। किसानों के विरोध में सरकारें अधिक दिनों तक नहीं टिक सकतीं। एसजीपीसी किसानों को हर संभव सहयोग देगी।