पुतलीघर चंदन अस्पताल में डिलीवरी के बाद हुई महिला की मौत के बाद डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई न किए जाने को लेकर मृतका के परिजनों ने मंगलवार को पुतलीघर चौक में जाम लगा दिया। करीब चार घंटे तक आवाजाही ठप रही।
एसीपी जेएस संधू ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की लेकिन वह प्रदर्शन कर रहे लोगों को कोई भी ठोस आश्वासन नहीं दे पाए। परिवार इसी बात पर अड़ा रहा कि जब डाक्टरों के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया जाता वह रास्ते से नहीं हटेंगे। शाम करीब छह बजे थाना कैंटोनमेंट प्रभारी अमृत सरूप ने लिखित आश्वासन दिया तो जाम खोला गया।
पुलिस ने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। इसके लिए तीन डाक्टरों का एक पैनल भी बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ही बनती कार्रवाई की जाएगी। अगर डाक्टर आरोपी पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा।
शिमला मार्केट निवासी विक्की कुमार व नोना ने बताया कि उनकी बहन कामिनी आठ माह की गर्भवती थी। पुतलीघर चंदन अस्पताल से उसका ट्रीटमेंट चल रहा था। सोमवार को एक गायनी डॉक्टर ने उनसे कहा कि कामिनी की डिलीवरी आज ही करनी होगी।
ऐसा न किया मां और बच्चे की जान को खतरा हो सकता है। गायनी डॉक्टर सरकारी अस्पताल से आई थी। डॉक्टर ने उनसे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए और कामिनी को लेबर रूम में ले जाकर ऑपरेशन कर दिया। कामिनी ने बेटे को जन्म दिया था। बच्चे को लेकर एक अन्य डॉक्टर बाहर आया। उसने कहा कि बच्चे की हालत नाजुक है, इसे किसी निजी अस्पताल में ले जाओ।
वह लोग बच्चे को दूसरे अस्पताल में ले गया। लगभग तीन घंटे बाद अस्पताल में आए तो डॉक्टर ने बताया कि कामिनी को हार्ट अटैक हुआ है। उसकी हालत गंभीर है। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने कहा कि कामिनी की मौत हो गई है। हालांकि कामिनी की मौत ऑपरेशन के दौरान ही हो चुकी थी।