अमृतसर। विजिलेंस ब्यूरो ने सिविल सर्जन के पीए के खिलाफ झगड़े के मामले में रिश्वत लेने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। कांग्रेस के शासन काल में सिविल सर्जन के पीए रघु तलवाड़ के खिलाफ छेहरटा के अमृतपाल सिंह मल्ली ने शिकायत की थी, लेकिन इसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद इसकी शिकायत मुख्यमंत्री द्वारा जारी हेल्प लाइन पर की थी। बताया जा रहा है कि इसकी भनक लगते ही आरोपी अपनी अग्रिम जमानत करवाने के प्रयास कर रहा है।
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को दी शिकायत में कहा था कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। पिछले साल जुलाई माह में वे अपनी पत्नी रंजीत कौर और बेटी अनुरीत कौर को लेने पत्नी की चाची मुखविंदर कौर के घर संधू कालोनी गए थे। वहां उनकी पत्नी का अपनी चाची और चाची की बहन के साथ झगड़ा होने पर उनकी पत्नी जख्मी हो गई थी। तब वे अपनी पत्नी को सिविल अस्पताल में लेकर गए, जहां मौजूद डॉ. मनप्रीत कौर ने रंजीत कौर को गुरु नानक देव अस्पताल रेफर कर दिया।
अमृतपाल सिंह ने बताया कि गुरु नानक देव अस्पताल में उनकी पत्नी का इलाज हुआ और सिविल अस्पताल की डॉ. मनप्रीत कौर ने नवंबर 2021 को उनकी पत्नी की एमएलआर रिपोर्ट तैयार की, लेकिन देने से मना कर दिया। इसकी शिकायत उन्होंने सिविल सर्जन से की। इसके बाद सिविल सर्जन के पीए रघु तलवाड़ ने एमएलआर की रिपोर्ट देने के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी, लेकिन वह दस हजार रुपये की व्यवस्था कर पीए को दे सका। इसके बाद उन्हें एमएलआर की रिपोर्ट मिल सकी। कांग्रेस शासनकाल में जब पीए के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने अब राज्य में सरकार बदलने पर फिर से शिकायत की, जिसके बाद विजिलेंस ने यह एफआईआर दर्ज करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए दबिश देनी शुरू कर दी है।