तारीख निकल जाने के बाद जब वे दोबारा एसडीएम से मिले तो उन्होंने यह कहा कि आपको नौकरी का वादा किसने किया था, उसका प्रूफ लाओ। जब मीडिया में छपे सिद्धू के बयान पढ़ाए गए तब एसडीएम ने कहा कि आपको नौकरी देने का कैंप लगाया जा रहा है। जबकि सरकर ने अभी तक किसी भी कैंप का आयोजन नहीं किया।
इसके बाद पीड़ित परिवारों से कहा गया कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के समारोहों की व्यस्तता के कारण ऐसा संभव नहीं है। प्रकाश पर्व के समारोह को एक महीने का समय हो गया है, लेकिन सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही। उसके बाद अधिकारियों ने 3 दिसंबर का समय दिया। यह दिन भी बीत गया लेकिन उनकी मांगें स्वीकार नहीं की गई। इसलिए अब उन्होंने निर्णय किया है कि जब तक नौकरी नहीं मिलेगी तब तक धरना नहीं उठाया जाएगा।
सिद्धू ने अपना कोई भी वादा नहीं किया पूरा
इस दौरान धरने में मौजूद लोगों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री व नवजोत सिद्धू के बीच जो राजनीतिक झगड़ा चल रहा है, उस कारण उनकी मांगे स्वीकार नहीं हो रही है। दोनों अपना झगड़ा राजनीति तक सीमित रखें। उनसे जो वादे किए हैं, उनको पूरा किया जाए। उन्होंने गुरुनगरी की सभी संस्थाओं से अपील की कि वह उनका साथ दे। ताकि सरकार पर मांगे स्वीकार करने का दवाब डाला जा सके। उन्होंने कहा कि नवजोत सिद्धू ने हरेक परिवार को मासिक राशन देने व बच्चों को गोद लेने का वादा किया था लेकिन कभी पीड़ित परिवारों का हाल तक नहीं जाना।