जहरीली शराब मामले में जिला पुलिस द्वारा दो तस्करों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। तस्करों प्रताप सिंह विरक और अनिल सैनी को तरनतारन के सीजेएम सुमित भल्ला की अदालत ने 19 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। जहरीली शराब पीने से जिले में 97 लोगों की मौत जबकि पांच लोगों की आंखों की रोशनी जा चुकी है। इस मामले में डीआईजी हरदयाल सिंह मान, एसएसपी ध्रुमन एच निंबले, एसपी (आई) जगजीत सिंह वालिया पर आधारित एसआईटी का गठन किया गया है।
शुरुआती जांच में पता चला है कि अंबाला निवासी प्रताप सिंह विरक व जीरकपुर निवासी अनिल सैनी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। रायपुरा स्थित मुल्तानी ढाबा चलाने वाले नरिंदर सिंह से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी विरक और सैनी को गिरफ्तार किया। उन दोनों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। यह लोग चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश व पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में अल्कोहल से तैयार शराब ड्रमों और बोतलों के जरिए सप्लाई करते थे। इन दोनों तस्करों को लेकर डीजीपी दिनकर गुप्ता ने दस दिन पहले बताया था कि जहरीली शराब के मामले में बड़ा नेटवर्क काम करता है। वहीं, सोमवार को सीजेएम सुमित भल्ला की अदालत ने इस मामले में आरोपी नरिंदर सिंह को जेल भेजने के आदेश दिए।