श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी साहिबान ने श्री दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। लगभग छह महीने पहले सचखंड के हजूरी रागी सिंहों ने ज्ञानी जगतार सिंह के विरुद्ध एक लिखित शिकायत जत्थेदार श्री अकाल तख्त ज्ञानी हरप्रीत सिंह को दी थी। उस शिकायत पर कोई कार्रवाई न करने के विरोध में रागी सिंहों ने सोमवार बाद दोपहर फिर श्री अकाल तख्त साहिब के सामने गुहार लगाई।
रागी सिंहों की अगुवाई कर रहे हजूरी रागी भाई तलविंदर सिंह ने कहा कि श्री हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह का रागी सिंहों के साथ व्यवहार ठीक नहीं है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की ताबियां (छत्रछाया) में बैठे ज्ञानी जगतार सिंह ने गुरुबाणी कीर्तन कर रहे रागी सिंहों पर तंज कसे हैं। बाहर निकल कर अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। उनके इस व्यवहार के कारण सचखंड के सभी रागी सिंहों की मानसिक स्थिति बहुत अस्थिर हो चुकी है। रागी सिंहों को सचखंड में गुरबाणी कीर्तन करना कठिन हो गया है। इस बात का संदेश संगत में ठीक नहीं जा रहा है। सचखंड के सभी रागी सिंहों बीते 20 से 30 वर्ष से श्री दरबार साहिब में कीर्तन कर रहे हैं। सचखंड में अन्य ग्रंथी साहिबान के साथ रागी सिंहों के संबंध बहुत मधुर हैं। उनका आशीर्वाद रागी सिंहों को मिलता है। ज्ञानी जगतार सिंह ने रागी सिंहों को धमकी भी दी है। इस बात का उल्लेख उन्होंने जत्थेदार को लिखी शिकायत में भी किया था। रागी सिंह इंसाफ लेने के लिए श्री अकाल तख्त साहिब पहुंचे हैं। संगत से इतना सम्मान मिलता है, लेकिन घर में सम्मान नहीं मिल रहा है।
बता दें कि जब रागी सिंहों ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से ज्ञानी जगतार सिंह की शिकायत की थी, तब उन्होंने मीडिया से कहा था कि सचखंड के मुख्य ग्रंथी का रुतबा उनसे अधिक है। रागी सिंह इस प्रबंधकीय मामले के बारे में एसजीपीसी के साथ बात करें।