ऑल इंडिया एंटी टेरेरिस्ट फ्रंट के चेयरमैन मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने कहा कि खालिस्तान के नाम पर आजादी मांगने वाले देश को बांटने का काम कर रहे हैं। भारत के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, इंडियन नेवी चीफ, आर्मी चीफ समेत भारत के कई अन्य सीनियर पदों पर सिख रहे हैं तो यह लोग किससे आजादी मांग रहे हैं। उन्होंने गुरुवार को यह बात अपने अमृतसर दौरे के दौरान मीडिया से कही।
उन्होंने कहा कि पंजाब में चंद लोग माहौल खराब करने के प्रयास कर रहे हैं। एक बार पहले भी पंजाब में गर्म भाषण से माताओं ने अपने लाल, बहनों ने भाई और पत्नियों ने अपने पति खोए हैं। अब एक बार फिर खालिस्तान के नाम पर यह लोग पंजाब की जवानी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं वारिस पंजाब के मुख्य सेवादार अमृतपाल सिंह मामले पर उन्होंने कहा कि इन लोगों को विदेश से फंडिंग हो रही है। फंडिंग के लिए ही इस तरह की बयानबाजी की जाती है।
मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वे इतने ही बहादुर हैं तो पहले उन्हें खत्म करें, जिन्होंने पंजा साहिब का अपमान किया है। उन्होंने बंदी सिख पर कहा कि ये लोग मौत के सौदागर हैं, जिन्होंने बेकसूर 36000 हिंदुओं की हत्या की। उन्होंने कहा कि सिख कौम का इतिहास बहुत महान है। इनसे पूछना चाहिए कि हिंदुओं को क्यों मारा गया।
हिंदू मन में नफरत की भावना लेकर नहीं चलते और न ही ईसाई अपने दिलों में किसी के लिए नफरत की भावना रखते हैं। सिखों को अगर खतरा है तो उन्हें अपने ही लोगों से है, न कि किसी अन्य धर्म से। उन्होंने कहा कि पंजाब में शांति बनाए रखने के लिए धर्म प्रचार की जरूरत है न कि नफरत फैलाने की।