आरोपियों ने चंडीगढ़ के मंदिर में झूठा शपथपत्र देकर की थी शादी
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। बिना तलाक दूसरी शादी रचाने के मामले में महिला सहित दो दोषियों को अदालत ने तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी और उसकी तथाकथित पत्नी को आठ-आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई है। जुर्माना राशि का भुगतान न करने की सूरत में आरोपियों को एक माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
पीड़ित महिला के लिए इंसाफ की जंग लड़ रहे एडवोकेट नमित मेहता ने बताया इस्लामाबाद निवासी सुनीता कुमारी की शिकायत पर महिला थाने की पुलिस ने 7 फरवरी 2015 को जीरकपुर के गोल्डन एनक्लेव निवासी उसके पति आशुतोष शर्मा और उसकी तथाकथित पत्नी शालू शर्मा के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच के दौरान पुलिस ने आशुतोष के खिलाफ अपनी पहली पत्नी सुनीता को तलाक दिए बिना ही शालू के साथ दूसरी शादी करने और पहली पत्नी सुनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का केस दर्ज किया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने चंडीगढ़ के एक मंदिर में फर्जी शपथपत्र देकर खुद को कंवारा बताया था, जो बाद में झूठा साबित हुआ। हालांकि अदालत में जमानत याचिका दाखिल करते समय शालू शर्मा दस्तावेजों में खुद को आशुतोष की पत्नी ही बताती रही।