अमृतसर। कोरोना के हमले के लगातार बदल रहे रूप से बीच अब राजनीतिक पार्टियों के चुनाव प्रचार का ढंग भी बदल गया है। पहले जहां चुनाव से एक माह पहले हर विधानसभा हलके में रैलियों का दौर शुरू हो जाता था, वहीं अब शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेता रोजाना प्रेस कांफ्रेंस कर मीडिया के जरिये अपनी पार्टी लोगों तक पहुंचाने के प्रयास कर रहे हैं। जबकि भाजपा और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अपने समर्थकों के साथ घर-घर चुनाव प्रचार कर अपने लिए समर्थन जुटा रहे हैं।
सबसे हॉट सीट पूर्वी हलके में अपने लिए चुनाव प्रचार करने के साथ ही बिक्रम मजीठिया अपनी पत्नी गनी मजीठिया के समर्थन में मजीठा हलके और अजनाला में भी शिअद के उम्मीदवारों के समर्थन में घूम रहे हैं। जबकि कांग्रेस के केंद्रीय नेता राहुल गांधी ने चन्नी को मुख्यमंत्री चेहरा बनाए जाने के बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद को अपने वार्ड तक ही सीमित कर लिया है।
पिछले एक सप्ताह का आंकड़ा देखा जाए तो कोई दिन ऐसा नहीं, जब शिअद के पूर्वी हलके से विधायक सीट के दावेदार बिक्रम मजीठिया और इसी हलके से कांग्रेस के प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने कोई प्रेस कांफ्रेंस नहीं की हो। पहले तो इस तरह की प्रेस कांफ्रेंस उम्मीदवार अपने घर या किसी होटल में करते थे, लेकिन इन दिनों राजनीतिक प्रेंस कांफ्रेंस अलग-अलग हलके में पार्टी के नेताओं के घरों में की जा रही है।
प्रशासन भी असमंजस में
जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने उम्मीद्वारों के चुनावी खर्च का आंकलन करने के लिए मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी गठित की है। जिसका काम उम्मीदवारों द्वारा चुनावों के संबंधी दिए विज्ञापन पर नजर रखना है। पेड खबरों के लिए इस कमेटी से इजाजत लेना भी अनिवार्य है। लेकिन मौजूदा चुनाव प्रचार के बदले रूप से प्रशासन और चुनाव ऑर्ब्जवर भी असमंजस में हैं। जिला चुनाव अधिकारी गुरप्रीत सिंह खैहरा ने बताया कि उम्मीदवारों की ओर से चुनाव पर किए जाने वाले खर्च का हिसाब-किताब रखने के लिए अलग-अलग टीमें काम करते हुए रोजाना की रिपोर्ट चुनाव कमीशन को दे रही हैं।