कई वर्षों बाद पुलिस ने एक जिप्सी में लाइट मशीन गन से लैस पुलिस बल तैनात किया था। सुबह छह बजे से सचखंड के आसपास के इलाकों में पेट्रोलिंग शुरू कर दी गई थी। एसजीपीसी ने मीडिया को सचखंड के भीतर कैमरों सहित प्रवेश करने से रोक दिया। इस मामले में किसी भी पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात नहीं की।
15 जून को श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को पत्र लिख मांगा था आशीर्वाद
आतंकी पन्नू ने 15 जून को श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को एक पत्र लिख खालिस्तानी मूवमेंट को आगे बढ़ाने के लिए आशीर्वाद मांगा था। पन्नू ने लिखा था कि चार जुलाई को रेफरेंडम 2020 के लिए मतदाता पंजीकरण शुरू करने से पहले श्री अकाल तख्त साहिब में संगठन के लोग अरदास करेंगे। इसके आधार पर ही शनिवार को पुलिस ने चाक चौबंद सुरक्षा की थी।
भारत विरोधी गतिविधियों के लिए रूसी साइबर स्पेस का इस्तेमाल
अलगाववादी संगठन और प्रो-खालिस्तान ग्रुप सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) ने शनिवार को एक रूसी पोर्टल के माध्यम से रेफरेंडम 2020 के लिए ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण शुरू किया। ऐसे में भारत विरोधी गतिविधियों को रूसी साइबर स्पेस पर स्थान मिलने से नई मुसीबत खड़ी हो गई है। रूसी वेबसाइट www.punjabfree.ru से पंजीकरण करवाया जा रहा है।
भारत और रूस के बीच दोस्ताना रिश्ते हैं लेकिन भारत विरोधी गतिविधियों के लिए रूसी साइबर स्पेस का इस्तेमाल दोनों देशों के बीच खटास पैदा कर सकता है। यह भारतीय खुफिया एजेंसियों के लिए भी खतरे की घंटी है। कुछ दिन पहले जब पन्नू ने ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण की बात कही थी तब से कयास लगाए जा रहे थे कि पन्नू अमेरिकन वेब स्पेस का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन पन्नू ने शनिवार को जिस वेबसाइट को तैयार कर ऑनलाइन वोटिंग शुरू करवाई, वह रूस के साइबर स्पेस की निकली। रूस के पास अपनी धरती से काम करने के लिए वेब पोर्टल्स के लिए सबसे कठोर कानूनी ढांचा है। ऐतिहासिक रूप से करीबी भारत-रूस संबंधों को देखते हुए, एक रूसी डोमेन पर भारत-विरोधी अभियान चलाने से कई सवाल उठे हैं।