इंस्पेक्टर खुशबीर सिंह के मुअत्तली के आर्डर की सूचना मिलते ही यूनियन के कर्मचारी हड़ताल करके नारेबाजी करते हुए।
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पालिथीन की चेकिंग को लेकर भाजपा नेता से विवाद होने के बाद सेनेटरी इंस्पेक्टर खुशबीर सिंह को सस्पेंड कर दिया गया। इस कार्रवाई के खिलाफ वीरवार को नगर परिषद के कर्मचारियों, इंस्पेक्टर और सफाई सेवकों ने हड़ताल कर दी। सफाई सेवकों ने कार्यालय के बाहर गंदगी से लदी ट्रालियां खड़ी कर प्रदर्शन किया।
म्यूनिसिपल कर्मचारी संघ बटाला के प्रधान विद्यासागर और चेयरमैन राम लुभाया ने हड़ताली कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन ने 17 जून को अपनी मीटिंग में चेतावनी दी थी, कि अगर राजनीतिक कारणों से सेनेटरी इंस्पेक्टर खुशबीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो कर्मचारी हड़ताल करने पर मजबूर होंगे, लेकिन। इसके बावजूद खुशबीर सिंह को मुअत्तल कर दिया गया। इससे कर्मचारियों के मनोबल में गिरावट आई है। कर्मचारी और अधिकारी अपनी फील्ड ड्यूटी सही ढंग से नहीं निभा सकेंगे।
नेताओं ने कहा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद डीसी के आदेश पर खुशबीर सिंह पॉलिथीन लिफाफों को जब्त करने के लिए बाजारों में गए थे। उन्होंने कहा कि बटाला नगर परिषद सफाई के मामले में पूरे पंजाब में एक नंबर पर आई है। सेनेटरी इंस्पेक्टर को राजनीति के तहत बलि का बकरा बनाया गया है।
यूनियन इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि निलंबन आदेश वापस नहीं लिया गया गया तो सोमवार से अनिश्चितकाल हड़ताल शुरू की जाएगी। इस मौके पर नगर परिषद के एएमई बलकार सिंह, अमरजीत सिंह, नरेश कुमार, स्वीटा, ज्योति बाला, सिटी वाल्मीकि सभा के प्रधान वजीरा भट्टी, सफाई सेवक विजय कुमार मौजूद थे।