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पंजाब में बढ़ी एसआईआर की तारीख: संशोधित कार्यक्रम हुआ जारी, क्या बोलीं मुख्य निर्वाचन अधिकारी?

Wed, 15 Jul 2026 06:54 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़

सार

संशोधित कार्यक्रम के तहत अब घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन (हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन) 3 अगस्त तक किया जाएगा।  पहले यह तारीख 25 जुलाई थी।
 
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अनिंदिता मित्रा, पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) के पूर्व घोषित कार्यक्रम में संशोधन कर नया शेड्यूल जारी किया है। संशोधित कार्यक्रम के तहत अब घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन (हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन) 3 अगस्त तक किया जाएगा।  पहले यह तारीख 25 जुलाई थी।
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इसी अवधि में राज्य के सभी मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) की प्रक्रिया भी पूरी कर ली जाएगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने बताया कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार राज्य की मतदाता सूचियों का प्रारंभिक प्रारूप (ड्राफ्ट इलेक्ट्रोल रोल) अब 13 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते या अन्य विवरणों में संशोधन, नए नाम जोड़ने अथवा किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। 
उन्होंने बताया कि प्राप्त दावों और आपत्तियों का निपटारा 13 अगस्त से 8 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा। 
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सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम सूची से छूटने न पाए और अपात्र या दोहराव वाले नामों को हटाया जा सके।

अनिंदिता मित्रा ने राज्य के सभी पात्र नागरिकों से अपील की कि वे इस विशेष गहन संशोधन अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता को अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच करनी चाहिए तथा आवश्यकता होने पर निर्धारित अवधि के दौरान दावा या आपत्ति अवश्य दर्ज करानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की आधारशिला होती है। निर्वाचन आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार प्राप्त हो और चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह विश्वसनीय एवं पारदर्शी बनी रहे।
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