अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से रची गई कथित आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस और एक हैंड ग्रेनेड बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में था और उसे पुलिस ठिकानों व सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस वार्ता में बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की संगठित अपराध और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यह कार्रवाई की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय सुमित कुमार उर्फ पंडित निवासी नंगल (रूपनगर) के रूप में हुई है। वह इन दिनों अमृतसर देहात के पंडोरी वड़ैच गांव में अपने रिश्तेदारों के पास रह रहा था और एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। वर्ष 2023 में उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था और वह जेल भी जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, आईएसआई हैंडलरों ने आरोपी को पैसों का लालच देकर अपने साथ जोड़ा था। उसे निर्देश दिए गए थे कि वह पुलिस ठिकानों पर ग्रेनेड हमला करे या पुलिसकर्मियों पर फायरिंग करे। यदि ऐसा संभव न हो तो किसी सार्वजनिक स्थान पर हमला कर दहशत फैलाए। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, फोन में हथियार चलाने, ग्रेनेड इस्तेमाल करने, हथियार छिपाने, रेकी करने और हमले की योजना से जुड़े निर्देश मिले हैं। यह भी सामने आया कि रेकी के दौरान संदेह से बचने के लिए आरोपी अपने साथ परिवार की एक बुजुर्ग महिला को ले जाता था।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि यह सीआईए स्टाफ की खुफिया सूचना पर आधारित कार्रवाई थी, जिससे एक संभावित आतंकी घटना को टाल दिया गया। मामले की जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य लिंक खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर गुप्त सीसीटीवी कैमरे, सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती और संभावित भागने के रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
भुल्लर ने पंजाब के युवाओं से अपील की कि वे पैसों के लालच या किसी के बहकावे में आकर ऐसी गतिविधियों का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है। साथ ही बताया कि नई एंटी-ड्रोन प्रणाली का सफल परीक्षण हो चुका है और जल्द ही इसे सीमा पार से होने वाली ड्रोन गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।