अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब में रविवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ किया गया। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग 17 नवंबर को डाले जाएंगे। इस पावन अवसर पर एसजीपीसी अध्यक्ष गोबिंद सिंह लौंगोवाल सहित कई पंथक शख्सियत मौजूद थीं। श्री अखंड पाठ साहिब के शुभारंभ की अरदास भाई सुल्तान सिंह ने की। हुक्मनामा श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी भाई मलकियत सिंह ने श्रवण करवाया।
लौंगोवाल ने बताया कि एसजीपीसी सिखों की प्रतिनिधि संस्था है। एसजीपीसी ने अपने शताब्दी सफर में कई शानदार ऐतिहासिक प्राप्तियां की। कौमी मसलों की पैरवी के साथ-साथ सेहत, शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एसजीपीसी सिख धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए प्रयासरत है। 17 नवंबर को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हॉल में एक विशेष समागम का आयोजन किया जाएगा।
एसजीपीसी ने अपने शताब्दी समारोह को समर्पित एक चित्रकला प्रदर्शनी भी शुरू की है। चित्रकला प्रदर्शनी में 31 चित्रकारों ने एसजीपीसी के शताब्दी इतिहास को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया है। एसजीपीसी की स्थापना से लेकर अब तक के सफर पर आधारित इस चित्रकला प्रदर्शनी में सिख इतिहास के स्वर्णकाल के कई पन्ने पुनर्जीवित हो गए हैं। भाई लौंगोवाल ने कहा कि यह चित्रकला प्रदर्शनी सिखों की नौजवान पीढ़ी को इतिहास के साथ जोड़ेगी। चित्रकला प्रदर्शनी लगाने का पहला प्रयास श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर किया गया था जिसके सार्थक नतीजे मिले। इस अवसर पर एसजीपीसी के कई सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।