परविंदर सिंह झोटा के साथ घायल हुए युवकों को सौंपी आर्थिक सहायता
ज्ञानी टेक सिंह बोले - नशा तस्करों के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं के साथ खड़ी है शिरोमणि कमेटी
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। एसजीपीसी ने नशे के खिलाफ संघर्ष में घायल हुए चार युवकों को आर्थिक सहायता प्रदान की है। प्रत्येक युवक को पांच-पांच लाख रुपये के चेक दिए गए। यह सहायता वीरवार को तख्त श्री दमदमा साहिब में सौंपी गई।
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी टेक सिंह, एसजीपीसी अंतरिम कमेटी के सदस्य गुरप्रीत सिंह झब्बर और उप सचिव आजाददीप सिंह ने घायल युवकों से मुलाकात की। उन्होंने सहायता राशि के चेक सौंपे। इस दौरान परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह भी मौजूद थे। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पहले ही घायल युवकों के इलाज और आर्थिक सहायता का एलान किया था। इसी एलान के तहत यह राशि दी गई। ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि युवाओं को नशे से बाहर निकालने के लिए आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा का बलिदान पूरी कौम के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने नशे जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ संघर्ष को समय की जरूरत बताया।
एसजीपीसी का समर्थन
ज्ञानी टेक सिंह ने कहा कि एसजीपीसी दुख की इस घड़ी में घायल युवकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है। समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवाओं को अकेला महसूस नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने घायल युवकों के जल्द स्वस्थ होने की अरदास की। उन्होंने यह भी कहा कि परविंदर सिंह झोटा का बलिदान नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।