शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी।
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गोल्डन टेंपल (श्री दरबार साहिब) अमृतसर की परिक्रमा में योग करने वाली युवती अर्चना मकवाना को मुश्किलें दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। उसके खिलाफ शिरोमणि कमेटी की तरफ से एफआईआर दर्ज करवाए जाने के बावजूद मामला बढ़ता जा रहा है। अब युवती को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बड़ा बयान दिया है। धामी ने पंजाब सरकार से युवती की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। साथ ही कहा कि युवती के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
सोमवार को गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में पहुंचे एसजीपीसी प्रधान धामी ने कहा कि इस लड़की ने परिक्रमा में मात्र 40 सेकंड में योग करके सिख धर्म की मयार्दाओं का उल्लंघन किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार लड़की को गिरफ्तार कर कानून के मुताबिक सजा दे।
सिखों को बदनाम कर रही युवती
वहीं, एसजीपीसी सदस्य व पूर्व महासचिव गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि हरमंदिर साहिब में योग करके विवाद पैदा करने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अर्चना मकवाना ने आरोप लगाया है कि उसे धमकियां मिल रही हैं। युवती के ये आरोप बेबुनियाद हैं। ग्रेवाल ने कहा कि अगर उसे सच में धमकियां मिल रही हैं तो वह पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज करवाए। सोशल मीडिया पर बोल कर युवती सिखों को बदनाम कर रही है और सिखों का अक्स खराब करने की कोशिश कर रही है।
वाहनों की तोड़फोड़ की निंदा
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ कर्मचारी कुलविंदर कौर द्वारा कंगना रनौत के साथ की गई घटना के बाद हिमाचल प्रदेश में पंजाबियों से की जा रही मारपीट और वाहनों की तोड़फोड़ की निंदा करते हुए एडवोकेट धामी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कानून व्यवस्था खत्म हो गई है, उन्होंने कहा कि हिमाचल में ऐसी घटनाएं होती रहती हैं यह प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सरकार के लिए भी शर्म की बात है।
संगठनों की बैठक बुलाएं
राजस्थान ज्यूडिशियत एग्जाम में एक गुरसिख लड़की को कृपाण पहनने के कारण प्रवेश न देने के मामले पर शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि यह देश के संविधान का बड़ा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसा न कर पाने के लिए राजस्थान सरकार जिम्मेदार है। पेपर देने के लिए लड़की ने अपना स्कार्फ नहीं हटाया है। शिरोमणि कमेटी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब से अपील करेगी कि वह संगठनों की बैठक बुलाएं और यह तय करें कि सिखों के धर्म चिन्ह क्यों उतरवाए जा रहे हैं।