श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लापता पावन स्वरूपों के मामले के आरोपियों के खिलाफ कोई भी ठोस कार्रवाई न किए जाने के बाद समांतर जत्थेदार जगतार सिंह हवारा की ओर से गठित कमेटी ने एसजीपीसी के 28 सितंबर को होने वाले बजट अधिवेशन में शामिल होने के लिए पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि लापता पावन स्वरूपों के मामले में एसजीपीसी सदस्यों द्वारा साधी गई चुप्पी संगत के प्रति विश्वासघात है। एसजीपीसी सदस्यों के संबंधित गांवों व कस्बों के सरपंचों तक सोशल मीडिया से इस पत्र को पहुंचाकर हवारा कमेटी ने अपील की है कि वह बादल परिवार के चंगुल से निकलकर सिख कौम के प्रति व श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति वफादार बनें।
हवारा कमेटी के मुखिया प्रोफेसर बलजिंद्र सिंह ने कहा कि खालसा पंथ इस बात पर एक मत है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर हमले पंथ विरोधी शक्तियों द्वारा एक साजिश के तहत किए जा रहे हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य सिखों को कमजोर करना है। दुख का विषय है कि एसजीपीसी श्री गुरु ग्रंथ साहिब पर हो रहे हमलों को नकेल कसने में असफल रही है। एसजीपीसी के दफ्तरी नोट के अनुसार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 80 स्वरूप 19 मई 2016 को अग्नि भेंट हुए। 328 पावन स्वरूप लापता घोषित कर दिए गए। सिख कौम के लिए पावन स्वरूपों को लापता घोषित करना एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। एसजीपीसी ने ऐसा कर सिख कौम के साथ बड़ा विश्वासघात किया हैं।