कहा - सिर्फ विरोध के लिए विरोध करना उचित नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पंजाब में आई बाढ़ के बाद एसजीपीसी द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों पर कुछ सदस्य गलत बयान दे रहे हैं। इनका संज्ञान लेते हुए, एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने अपील की है कि यह समय पीड़ितों का दर्द बांटने का है, राजनीति करने का नहीं।
धामी ने कहा कि कार्यकारिणी कमेटी के सदस्य जसवंत सिंह पुडैन और कुछ अन्य सदस्य गलत बयानबाजी करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी पहले दिन से ही बिना किसी भेदभाव के लोगों को राहत सेवाएं प्रदान करती आ रही है, जो संस्था का कर्तव्य है। जसवंत सिंह पुडैन ने कार्यकारिणी कमेटी में जिस प्रस्ताव की बात कही है, वह भेजी गई राहत सेवाओं के खर्च की तुरंत पुष्टि करने का था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यकारिणी कमेटी की बैठक के बाद उन्होंने विभिन्न गुरुद्वारों से किए गए राहत कार्यों और अब तक हुए खर्च का ब्यौरा भी मीडिया के साथ साझा किया है।
धामी ने कहा कि एसजीपीसी के चंद सदस्य गुरुद्वारा ननकियाना साहिब संगरूर से राहत सेवाओं के बारे में भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एसजीपीसी द्वारा नियमों से बाहर कोई काम नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि घग्गर नदी के तटबंधों को मजबूत करने के लिए लोगों द्वारा की गई मांग पर एसजीपीसी ने 3 हजार लीटर डीजल के प्रावधान को मंजूरी दी थी, जिसमें से 2 हजार लीटर तेल संगत को दिया जा चुका है। लोगों द्वारा की गई मांग और जिन लोगों तक तेल पहुंचा, उनका विवरण समेत पूरा रिकॉर्ड गुरुद्वारा साहिब में उपलब्ध है।
धामी ने कहा कि सिर्फ विरोध के लिए संस्था के काम पर सवाल उठाना इन सदस्यों को शोभा नहीं देता। उन्होंने कहा कि यह दुःख की बात है कि पीड़ितों का दुख बांटने के बजाय, ये लोग उनका साथ देने वालों पर ही आरोप लगा रहे हैं। शिअद अपने स्तर पर राहत कार्य कर रहा है और कई अन्य संगठन भी इस मुश्किल घड़ी में लोगों के लिए इन कार्यों में लगे हुए हैं। सिखों के प्रतिनिधि राजनीतिक संगठन अकाली दल और एसजीपीसी को किसी से कमतर दिखाने का दुष्प्रचार ठीक नहीं है। उन्होंने अपील की कि पंजाब में मुसीबत की इस घड़ी में हमें पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने की कोशिश करनी चाहिए, न कि एक-दूसरे पर लांछन लगाकर चल रहे राहत कार्यों में बाधा बनना चाहिए।
- फोटो