अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने भाई रणजीत सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से नकार दिया है। एसजीपीसी प्रवक्ता कुलविंदर सिंह रमदास ने कहा कि भाई रणजीत सिंह झूठी बयानबाजी कर संगत को गुमराह कर रहे हैं। एसजीपीसी का काम पारदर्शी ढंग से नियमों के अनुसार होता है।
उन्होंने कहा कि भाई रणजीत सिंह संगत के भीतर दुविधा पैदा करने और फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। उनका झूठा प्रचार सिख कौम के लिए घातक है। वे श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार पद की सेवा में रहे हैं। लापता पावन स्वरूपों के मामले के आरोपी एसजीपीसी कर्मचारियों को सजा दी जा चुकी है। एसजीपीसी ने जांच कमेटी की रिपोर्ट भी वेबसाइट पर अपलोड की है।
कुलविंदर सिंह के अनुसार भाई रणजीत सिंह ने श्री हरमंदिर साहिब और अन्य गुरुद्वारा साहिबान की आय के बारे में भी संगत को गलत जानकारी दी है। श्री दरबार साहिब और अन्य 40 गुरुद्वारा साहिबान की आय प्रति महीने लगभग 12 करोड़ रुपये है। गुरुद्वारा साहिबान में कड़ाह प्रसाद की प्रतिदिन की आय 12 लाख है।