रावी दरिया में जल स्तर बढ़ने से खेत तालाब का रूप धारण कर चुके हैं। किसान जसवंत सिंह, अर्जुन सिंह, कुलदीप सिंह ने बताया कि नदी पार उनके खेतों में धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। उन्होंने जिला प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
हर बार वादा कर जाते हैं नेता, पूरे कभी नहीं हुए
नदी पार बसे गांवों के लोगों ने कहा कि उन्हें तो ऐसा लग रहा है कि जैसे उन्हें देश का हिस्सा माना ही नहीं जाता। राजनेता चुनाव के समय किश्ती में बैठकर उनके पास वोट लेने आते हैं। हर बार नदी पर पक्का पुल बनाने का वादा किया जाता है लेकिन चुनाव जीतने के बाद उनकी सुध तक नहीं ली जाती। पिछले दशकों से यह संताप झेलते आ रहे हैं। कई बार चुनाव का बायकाट कर चुके हैं लेकिन उनके अच्छे दिन नहीं आए।
पानी बढ़ने से किश्ती हटा ली गई होगी लेकिन जल्द ही आवागमन का साधन बहाल किया जाएगा और वहां के लोगों को कोई मुश्किल पेश न आए इसका ध्यान रखा जाएगा। मोहम्मद इश्फाक, डिप्टी कमिश्नर, गुरदासपुर